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'महिलाओं और बालिकाओं से अकेले में ना मिलें साधु'
अमर उजाला, कौशल सिखौला, हरिद्वार
Updated Mon, 02 Sep 2013 11:47 PM IST
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योग गुरु रामदेव ने बयान दिया है कि संत महिलाओं से अकेले में ना मिलें। साथ ही रामदेव ने आसाराम को लेकर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
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योग गुरू स्वामी रामदेव ने कहा कि समूचे संत समाज पर उंगली नहीं उठाई जा सकती। कुछ संतों से यदि गलतियां हुई हैं तो उसके लिए तमाम संत बिरादरी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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अकेले में ना मिले संत
यह जरूर है कि साधु-संतों को महिलाओं और बालिकाओं से अकेले नहीं मिलना चाहिए। सोमवार की रात अमर उजाला से बातचीत करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि संतों ने देश को अनेक बार दिशाएं दी हैं।
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आज के दौर में कुछ संतों पर अवश्य आंच आई है लेकिन उसका अर्थ यह नहीं कि समूची बिरादरी खराब हो गई हो। अनेक साधु-संत अध्यात्म के साथ-साथ विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं और समाज को आगे बढ़ा रहे हैं।
संत मर्यादा में रहें
नए जमाने की कई विभीषिकाएं हैं। उन्हीं में से एक है आज का तनावपूर्ण और भागमभाग से भरा जीवन। ऐसे में संतों को अपनी मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि अभी भी महिलाओं अथवा बालिकाओं से अकेले न मिलें। जब भी वे उनसे भेंट करने आएं, तब अन्य कईं लोग साथ हों और महिलाओं के साथ पुरुषों को भी वार्ता हेतु बैठाया जाए।
रामदेव नहीं करना चाहते टिप्पणी
स्वामी रामदेव ने कहा कि ताजा घटनाक्रम पर अभी कोई भी टिप्पणी करना गलत होगी। सारा विषय जांच में चल रहा है अत: निष्कर्ष की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।
आध्यात्मिक जीवन जीने वालों के लिए शास्त्रों ने नियम निर्धारित किए हैं। जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे दंड भुगतना पड़ेगा।