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उपभोक्ताओं की जेब में डाका डाल रहे व्यापारी, 2880 मामले पंजीकृत
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:21 PM IST
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उपभोक्ता
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बाजार से आप कोई भी सामान खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। सामान खरीदने से पहले ठीक से उसकी जांच व नाप तौल कर या करा लें। क्योंकि प्रदेश के व्यापारी उपभोक्ताओं की जेब में डाका डालने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
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इस बात की तस्दीक कर रहे हैं विधिक माप विज्ञान शाखा (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग) उत्तराखंड पिछले एक वर्ष के आंकड़े। जिनके अनुसार सोना से लेकर गैस, पेट्रोल, चावल, दाल, दूध, मिठाई आदि तक में घटतौली के 2880 मामले प्रकाश में आए हैं। जिनपर विभाग ने कार्रवाई की है।
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विधिक माप विज्ञान विभाग के उप नियंत्रक एमएस नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टीम ने अधिक मेहनत की। प्रदेश के विभिन्न प्रकार की दुकानों में औचक निरीक्षण किया गया।
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निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर उन पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से 29 फरवरी 2016 तक विभाग में प्रवर्तन कर्मियों द्वारा 33528 निरीक्षण किया गया।
व्यापारियों के विरुद्ध 2880 मामले पंजीकृत:
जिसमें विभिन्न व्यापारियों के विरुद्ध 2880 मामले पंजीकृत किए गए। विभाग ने इन व्यापारियों से कुल 27,34,000 प्रशमन शुल्क के रूप में वसूला।
नेगी ने बताया कि इस वर्ष एलपीजी एजेंसी के 36 मामले, पेट्रोल पंपों के 119 मामले, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के 252 मामले, सरकारी अर्द्ध सरकारी प्रतिष्ठान के 56 मामले, गेहूं क्रय केंद्र के आठ मामले, आटा चक्कियों के 132 मामले, फैक्ट्रियों के 173 मामले, बुलियन व सर्राफा व्यापारियों के 99 मामले, हार्डवेयर विक्रेताओं के 123 मामले, मिठाई विक्रेताओं के 148 मामले, गल्ला किराना विक्रेताओं के 614 मामले, सब्जी विक्रेताओं के 152 मामले, दूध विक्रेताओं के 54 मामले, धर्मकांटे के 73 मामले के अलावा अन्य 590 मामले शामिल हैं।
बाट माप विज्ञान विभाग की टीम ने घटतौली व अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर काईवाई करते हुए जुर्माना वसूला। उन्होंने बताया कि टीम के गुडवर्क का नतीजा है कि इस वर्ष के निर्धारित आय लक्ष्य 2,90,86,000 के बदौलत विभाग ने 3,14,57,518 रुपये राजस्व वसूला। यानी इस वर्ष राजस्व में 2371518 रुपये की बढ़त हुई है।