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सड़क निर्माण की मांग को लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन
Mon, 21 Jan 2019 11:08 PM IST
kamlesh kamlesh
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 21 Jan 2019 11:08 PM IST
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पिथौरागढ़ में सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : AMAR UJALA
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टाला फगाली-चूलाकोट और तपड़ ज्ञालपानी-संतरा पोखरा मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर महिलाओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्रवासियों की समस्याओं को देखते हुए सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग उठाई।
जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंची क्षेत्र की महिलाओं ने कहा कि चूलाकोट और संतरा पोखरा क्षेत्र सड़क मार्ग से पांच किलोमीटर दूर है। क्षेत्र के लिए सड़क नहीं होने से उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर आवाजाही करनी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों को डोली में बिठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। गंभीर रूप से बीमार लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। महिलाओं का कहना था कि कई बार जनता दरबार और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई जा चुकी है।
इसके बावजूद अभी तक कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं। कहा कि संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने भी पिछले दिनों शीघ्र मोटर मार्ग की स्वीकृति देने का आश्वासन दिया था। यदि पंद्रह दिनों के भीतर सड़क की स्वीकृति को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती है तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन करने वालों में मीना देवी, गीता देवी, कमला देवी, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी, भागीरथी आदि महिलाएं शामिल थीं।
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जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंची क्षेत्र की महिलाओं ने कहा कि चूलाकोट और संतरा पोखरा क्षेत्र सड़क मार्ग से पांच किलोमीटर दूर है। क्षेत्र के लिए सड़क नहीं होने से उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर आवाजाही करनी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों को डोली में बिठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। गंभीर रूप से बीमार लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। महिलाओं का कहना था कि कई बार जनता दरबार और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई जा चुकी है।
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इसके बावजूद अभी तक कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं। कहा कि संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने भी पिछले दिनों शीघ्र मोटर मार्ग की स्वीकृति देने का आश्वासन दिया था। यदि पंद्रह दिनों के भीतर सड़क की स्वीकृति को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती है तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन करने वालों में मीना देवी, गीता देवी, कमला देवी, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी, भागीरथी आदि महिलाएं शामिल थीं।
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