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तत्काल चलेगा भूगर्भीय हलचलों के बारे में पता

Wed, 03 Feb 2016 10:46 PM IST
केबी पाल/अमर उजाला, अस्कोट
केबी पाल/अमर उजाला, अस्कोट Updated Wed, 03 Feb 2016 10:46 PM IST
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Will immediately know about geological movements
 भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य के सात स्थानों पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग ने ऑटोमेटिक भूकंपमापी यंत्र लगाने का काम शुरू कर दिया है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में यह यंत्र काम करने लगा है। भूगर्भ विज्ञान विभाग ने साइंटिफिक नेटवर्क के तहत भूकंपमापी यंत्र लगाने की योजना बनाई है। यह यंत्र निजी जमीन पर लगाए जा रहे हैं।
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इनकी देखरेख की जिम्मेदारी जमीन मालिक को दी जाएगी।
भूकंपमापी केंद्र स्थापित करने के लिए यहां पहुंचे मुख्य परियोजना अन्वेषक प्रो. सीसी पंत, रिसर्च साइंटिस्ट डा. विवेकानंद पाठक ने बताया कि ऑटोमेटिक भूकंपमापी यंत्र धरती के अंदर होने वाली सूक्ष्म हलचलों को भी रिकार्ड कर लेता है। यह हलचलें वी-सेट के माध्यम से खुद ही मौसम विज्ञान केंद्र दिल्ली और हैदराबाद के पास पहुंच जाएंगी। इससे क्षेत्र विशेष की भूगर्भीय हलचलों के बारे में तत्काल मौसम विभाग के केंद्रीय कार्यालय को जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि भूगर्भीय हलचलों का पता लगाने के लिए ही यह नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इस समय मुनस्यारी में यह केंद्र काम करने लगा है।
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राज्य के इन स्थानों पर लग रहे हैं सिस्टम
- नारायणनगर-पिथौरागढ़
- तोली जौलजीबी-पिथौरागढ़
- मुनस्यारी-पिथौरागढ़
- चंपावत
- कालाखेत-नैनीताल
- धौलछीना-अल्मोड़ा
- भराड़ीसौण-चमोली
रोज होती हैं सूक्ष्म हलचलें
अस्कोट। भूगर्भ विभाग विभाग के रिसर्च साइंटिस्ट डा. विवेकानंद पाठक का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले में भूगर्भीय सूक्ष्म हलचलें रोज होती हैं। इनकी क्षमता रिक्टर पैमाने पर 0.5 से 1 तक होती हैं। इस कारण लोगों को इनका पता नहीं चलता। रिक्टर स्केल पर दो से अधिक तीव्रता वाले भूकंप का ही आभास हो पाता है।
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चार जिलों में होगा भूकंप का मॉकड्रिल

पिथौरागढ़। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने 11 फरवरी को पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में भूकंप से बचाव का मॉकड्रिल करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता ने सभी जिलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मॉक ड्रिल की तैयारी के निर्देश दिए हैं।

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