पिथौरागढ़ में पैदा होगी 345 मेगावाट बिजली
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एनएचपीसी ने 280 मेगावाट की धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट के बाद अब जिले में दो नई परियोजनाओं के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। धौलीगंगा इंटरमीडिएट नाम से बनने वाली परियोजना से 225 मेगावाट और गोरीगंगा चरण 3 ए नाम से बनने वाली परियोजना से 120 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजनाओं के निर्माण की केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। वन भूमि और पर्यावरण संबंधी क्लीयरेंस भी लगभग पूरा हो गया है।
केंद्र सरकार के पास दोनों परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पहुंचने पर इनका काम शुरू हो जाएगा।
एनएचपीसी दोनों प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर बेहद उत्साहित है। एनएचपीसी के कॉरपोरेट आफिस फरीदाबाद से दोनों परियोजनाओं के अन्वेषण और पर्यावरण संबंधी रिपोर्ट को तैयार करने के लिए दिनेश त्रिपाठी को हेड आफ प्रोजेक्ट नियुक्त किया है। त्रिपाठी ने दिल्ली से फोन पर बताया कि अब धौलीगंगा इंटरमीडिएट और गोरीगंगा चरण 3 ए परियोजनाओं के निर्माण में अब किसी प्रकार का संशय नहीं रह गया है। परियोजनाओं का काम शुरू करने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी हैं। यह औपचारिकता पूरी होते ही परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा। यह बात अलग है कि इसके लिए उन्होंने कोई समयसीमा तय नहीं की है। त्रिपाठी ने बताया कि धौली और गोरी नदियों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट की तरह इन प्रस्तावित परियोजनाओं को वर्षभर पर्याप्त पानी मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं की डीपीआर बनने पर ही उनके डिजायन, डैम, पावर हाउस की जानकारी मिल पाएगी।