{"_id":"5cc9e1bbbdec22070d45882d","slug":"wildcats-of-barkot-s-jodiya","type":"story","status":"publish","title_hn":"धधकता रहा बनकोट के जातड़ी का जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धधकता रहा बनकोट के जातड़ी का जंगल
Wed, 01 May 2019 11:43 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूरो, गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 01 May 2019 11:43 PM IST
विज्ञापन
बनकोट जालड़ी के जंगलों में लगी आग
- फोटो : AMAR UJALA
बनकोट क्षेत्र के पलतोड़ी ग्राम पंचायत के जातड़ी का जंगल आग से धधकता रहा। आग से बहुमूल्य वनस्पति को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
बुधवार को दोपहर में जातड़ी के रिजर्व फारेस्ट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने जंगल के काफी बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से चीड़ के जंगल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। चीड़ के सैकड़ों पेड़ झुलस गए हैं। जंगल में रात तक आग लगी रही। पलतोड़ी की ग्राम प्रधान उमा देवी ने बताया कि रिजर्व फारेस्ट में आग लगने से बहुमूल्य वनस्पति जल गई है।
पेड़ों को व्यापक नुकसान हुआ है। ग्राम प्रधान ने कहा कि सूचना देने के बाद भी रात 8 बजे तक वन विभाग का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। जंगल की आग को बुझाना ग्रामीणों के वश में नहीं है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को आग की घटनाओं के प्रति सजगता दिखानी चाहिए। आग बुधाने के लिए तमाम क्रू स्टेशन बनाए गए हैं, उनका उपयोग धरातल पर होना चाहिए। आग से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है। वन रेंजर मनोज सनवाल का कहना है कि जातड़ी के जंगल में आग लगने की सूचना मिली है। विभागीय कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए निर्देशित कर दिया है। आग बुझा ली जाएगी।
विज्ञापन
बुधवार को दोपहर में जातड़ी के रिजर्व फारेस्ट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने जंगल के काफी बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से चीड़ के जंगल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। चीड़ के सैकड़ों पेड़ झुलस गए हैं। जंगल में रात तक आग लगी रही। पलतोड़ी की ग्राम प्रधान उमा देवी ने बताया कि रिजर्व फारेस्ट में आग लगने से बहुमूल्य वनस्पति जल गई है।
पेड़ों को व्यापक नुकसान हुआ है। ग्राम प्रधान ने कहा कि सूचना देने के बाद भी रात 8 बजे तक वन विभाग का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। जंगल की आग को बुझाना ग्रामीणों के वश में नहीं है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को आग की घटनाओं के प्रति सजगता दिखानी चाहिए। आग बुधाने के लिए तमाम क्रू स्टेशन बनाए गए हैं, उनका उपयोग धरातल पर होना चाहिए। आग से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है। वन रेंजर मनोज सनवाल का कहना है कि जातड़ी के जंगल में आग लगने की सूचना मिली है। विभागीय कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए निर्देशित कर दिया है। आग बुझा ली जाएगी।
विज्ञापन