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राइफलमैन बालम का शव पहुंचा तो रोने लगा पूरा गांव
Thu, 28 Mar 2019 11:58 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 28 Mar 2019 11:58 PM IST
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गणाई में जवान के पार्थिव शरीर को पैतृक आवास में ले जाते सेना के जवान।
- फोटो : AMAR UJALA
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राइफलमैन बालम सिंह डोबाल का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को उनके गांव ननोली पहुंचा। समूचे गांव में मातम पसर गया। जवान की स्थानीय श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई।
राइफलमैन बालम का पार्थिव शरीर सुबह उनके गांव ननोली पहुंचा तो हर किसी की आंखों में आंसू छलक आए। पिता राजेंद्र सिंह, मां लीला देवी, भाई जगदीश डोबाल, सुंदर डोबाल सहित अन्य परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। विधायक मीना गंगोला, उनके पति गोकुल गंगोला समेत तमाम लोगों ने जवान के घर पहुंच कर श्रद्धांजलि दी।
कुछ दिन पहले ही बालम अवकाश पर घर आए थे। 22 वर्षीय बालम 26 मार्च को अपनी पहली पोस्टिंग में आसाम जा रहे थे। गोवाहाटी में ट्रेन में जूस पीने के बाद अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और उनका देहांत हो गया। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद सारतोला के तिमाणी श्मशान घाट में सैन्य टुकड़ी ने राइफलमैन बालम सिंह को अंतिम सलामी दी। बालम के बड़े भाई जगदीश डोबाल और सुंदर डोबाल ने चिता को मुखाग्नि दी।
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राइफलमैन बालम का पार्थिव शरीर सुबह उनके गांव ननोली पहुंचा तो हर किसी की आंखों में आंसू छलक आए। पिता राजेंद्र सिंह, मां लीला देवी, भाई जगदीश डोबाल, सुंदर डोबाल सहित अन्य परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। विधायक मीना गंगोला, उनके पति गोकुल गंगोला समेत तमाम लोगों ने जवान के घर पहुंच कर श्रद्धांजलि दी।
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कुछ दिन पहले ही बालम अवकाश पर घर आए थे। 22 वर्षीय बालम 26 मार्च को अपनी पहली पोस्टिंग में आसाम जा रहे थे। गोवाहाटी में ट्रेन में जूस पीने के बाद अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और उनका देहांत हो गया। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद सारतोला के तिमाणी श्मशान घाट में सैन्य टुकड़ी ने राइफलमैन बालम सिंह को अंतिम सलामी दी। बालम के बड़े भाई जगदीश डोबाल और सुंदर डोबाल ने चिता को मुखाग्नि दी।
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