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पानी की लाइनों से चोक हो रही हैं शहर की नालियां

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:02 AM IST
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Water in Road or Pipes on Path
सड़क पर बहता पानी। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। बेतरतीब तरीके से बिछाई गई पाइप लाइनों के कारण कहीं पर रास्ते तो कहीं पर नालियां बंद हो गई हैं। बीच रास्तों में आड़े-तिरछे बिछाए गए पाइप राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कई नालियां भी चोक हो रही हैं। इस कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
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नगर में पानी के पाइप बेतरतीब तरीके से बिछाए गए हैं। घरों के लिए मुख्य लाइनों से ले जाए जाने वाले पाइप रास्तों के ऊपर से डाले गए हैं। इन पाइपों से कई स्थानों पर नालियां चोक हो जा रही हैं। नालियों में कूड़ा करकट एकत्र होने से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे राहगीरों के साथ ही व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुमौड़ बैंड पर यह समस्या सबसे अधिक है। निकासी बंद होने से नालियों में महीनों तक पानी और कचरा सड़ता रहता है। गर्मियों में इससे बदबू के भभके उठते हैं जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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पैदल मार्गों में बिछे पाइप शहर में सबसे बड़ी समस्या बने हैं। नगर की संकरी गलियों के लिए बने पैदल मार्गों में आधे से अधिक स्थान पाइपों ने घेरा है। बीच रास्ते में बिछा दिए गए पाइपों में फिसलकर या उलझकर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। इसके बाद भी इन पाइप लाइनों को दुरुस्त करने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जन मंच के संयोजक भगवान सिंह रावत और सुबोध बिष्ट ने जल संस्थान और नगरपालिका से पेयजल लाइनों को व्यवस्थित कर मार्गों का रखरखाव उचित तरीके से करने की मांग की है।
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... यहां सड़क में गड्ढे नहीं गड्ढों में सड़क!
टनकपुर (चंपावत)। महज चार दिन पहले ही चंपावत जिले के ककनई में भीषण जीप दुर्घटना हुई थी। 14 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे की एक वजह खस्ताहाल सड़क भी थी लेकिन सड़क की बदहाली और जानलेवा गड्ढे सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों में ही नहीं है, बल्कि ये बदनुमा तस्वीर इस शहर की सड़कों में भी है।
नगर के आंतरिक और मुख्य सड़कों की बदहाली और गड्ढों के बीच झटकों से गुजरना मुसाफिरों की मजबूरी है। यहां आमबाग को जाने वाली सड़क इस कदर खराब है कि ये पता लगाना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। आमबाग की सड़क पर मंडी समिति कार्यालय, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर घनी आबादी है। वहीं टनकपुर बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड की ओर जाने वाली सड़क भी गड्ढों से पटी है। इससे आवाजाही में देरी के साथ जोखिम भी बढ़ रहा है। ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष मनोज गड़कोटी, कमलेश कुमार आदि का कहना है कि सड़क की बदहाली से आवाजाही में परेशानी हो रही है। ई-रिक्शा के रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है।

लोनिवि के स्वामित्व वाली खराब सड़क को ठीक करने के लिए बजट का प्रबंध किया जा रहा है। मार्च तक सड़क के गड्ढों और अन्य खामियों को दूर कर लिया जाएगा। - एपीएस बिष्ट, एई, लोनिवि, टनकपुर।
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