{"_id":"58653ec94f1c1b132ceec677","slug":"water-forest-land-resolve-the-problem-together","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल, जंगल, जमीन की समस्या मिलकर हल करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल, जंगल, जमीन की समस्या मिलकर हल करें
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
Updated Thu, 29 Dec 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट में पवित्र कैलाश भूक्षेत्र कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रख्यात इतिहासकार पद्मश्री डा. शेखर पाठक ने कहा कि पहाड़ पर अब तक किए गए अध्ययन में जल, जंगल, जमीन की समस्या ही उभरकर सामने आई है। इन समस्याओं का समाधान जनसहयोग से ही संभव होगा। यदि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं मिलकर काम करें तो पहाड़ से पलायन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
डा. पाठक यहां जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण संस्थान और हिमालयन ग्राम विकास समिति की ओर से आयोजित पवित्र कैलाश भूक्षेत्र संरक्षण एवं विकास पहल परियोजना की कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पहाड़ की मुख्य समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उद्घाटन सत्र में हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को जागरूक करने की जरूरत है। ईसीमोड नेपाल के प्रतिनिधि स्वप्निल चौधरी ने प्राचीन धरोहरों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया।
विज्ञापन
जीबी पंत संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रणवीर सिंह रावल ने पिछले चार वर्षों में परियोजना के तहत हुए अध्ययन की जानकारी दी। कार्यशाला में कुल 172 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को महाकाली मंदिर से पदयात्रा शुरू होगी। इसमें सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के लोग शामिल होंगे।
विज्ञापन