मालपा में पैदल रास्ता 25 तक तैयार होगा
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लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि 25 सितंबर से मालपा में पैदल आवाजाही होने लगेगी। अक्तूबर प्रथम सप्ताह में इस रास्ते से खच्चरों का भी आवागमन शुरू हो जाएगा। लोनिवि के मजदूर 14 अगस्त से लगातार पैदल रास्ते की मरम्मत के काम में जुटे हैं। अब तक 80 फीसदी रास्ता तैयार हो गया है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता गिरजा किशोर पांडे और अवर अभियंता आदित्य पाटनी ने मालपा का दौरा करने के बाद बताया कि जिन स्थानों पर रास्ता पूरी तरह टूट गया है वहां पर दीवार लगाने का काम चल रहा है। दीवार बनने पर रास्ते की चौड़ाई बढ़ जाएगी और आवागमन में आसानी होगी।
सिमखोला से लेकर मालपा तक करीब दस किलोमीटर पैदल रास्ता 13 अगस्त की देर रात बादल फटने से टूट गया था। उन्होंने बताया कि लोनिवि के अवर अभियंता इंद्र सिंह 14 अगस्त से लगातार मालपा में डटे हैं। 80 मजदूरों को रास्ते की मरम्मत के काम में लगाया गया है। सहायक अभियंता ने कहा कि माइग्रेशन पर आने वाले परिवारों और भारत तिब्बत व्यापार से लौटने वाले व्यापारियों को रास्ते के कारण कोई दिक्कत नहीं होगी। इधर, रास्ते के निर्माण का काम जारी है। कठोर चट्टानों को काटने के लिए कटर मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। इस समय जो लोग आवाजाही कर रहे हैं, उनके लिए रस्सी की मदद से सीढ़ी तैयार की गई है।
हेलीकॉप्टर से सामान लाने की व्यवस्था हो
भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सदस्यों ने मंगलवार को एसडीएम आरके पांडे को ज्ञापन देकर कहा कि तिब्बत व्यापार के लिए गए लोगों का सामान लाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए। यदि ज्यादा समय तक सामान गुंजी में रहेगा तो उसके खराब होने की आशंका हो जाती है। तिब्बत की मंडी तकलाकोट से लौट रहे व्यापारी इस समय अपना सामान गुंजी में रख रहे हैं। सामान को गुंजी से लाने की व्यवस्था नहीं है। ज्ञापन देने वालों में व्यापारी कृष्ण सिंह, दौलत सिंह, चकर सिंह आदि थे।