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Pithoragarh News: पशु चिकित्सक भी पहाड़ चढ़ने से पीछे खींच रहे हाथ
Sun, 26 Oct 2025 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 26 Oct 2025 11:25 PM IST
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पिथौरागढ़। पहाड़ी जिलों में इन्सानों के साथ ही पशुओं के डॉक्टर भी तैनाती लेने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। जिले के बेड़ीनाग, मुनस्यारी और कनालीछीना पशु अस्पतालों के लिए एक महीने पूर्व तीन ग्रेड-वन पशु चिकित्सकों की तैनाती के आदेश जारी हुए थे लेकिन तीनों में से किसी पशु चिकित्सक ने तैनाती नहीं ली है।
कनालीछीना, बेड़ीनाग और मुनस्यारी पशु अस्पतालों में नियमों के मुताबिक सिर्फ ग्रेड-वन पशु चिकित्सक की ही तैनाती हो सकती है। तीनों ही अस्पतालों में लंबे समय से पशु चिकित्सक न होने से क्षेत्र के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक महीने पूर्व बमुश्किल तीनों अस्पतालों में तैनाती के लिए तीन ग्रेड-वन पशु चिकित्सकों को आदेश जारी हुए। क्षेत्र के पशुपालकों को उम्मीद थी कि जल्द ही डॉक्टर इन अस्पतालों में तैनाती लेंगे और उनके पशुओं को स्थानीय स्तर पर इलाज मिल सकेगा लेकिन किसी भी पशु चिकित्सक ने तैनाती नहीं ली।
मैदानी क्षेत्रों के अस्पतालों में तैनाती के लिए तो नहीं हो रही सेटिंग
आखिरकार तीनों डॉक्टरों ने अब तक तैनाती क्यों नहीं ली। क्या पदोन्नति देकर निदेशालय ने तीनों डॉक्टरों को फौरी तौर पर पिथौरागढ़ के अस्पतालों में तैनाती लेने के आदेश तो जारी नहीं किए। क्या सीमांत जिले में तैनाती लेने से हाथ पीछे खींचकर मैदानी क्षेत्रों के अस्पताल पाने के लिए सेटिंग तो नहीं की जा रही है। एक महीने बाद भी तैनाती स्थल पर नहीं आने से इस तरह के सवाल उठने लगे हैं और पशु पालक परेशान हैं।
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चिकित्सक न होने से कनालीछीना पशु अस्पताल में लटका मिला ताला
बीते शनिवार को कनालीछीना पशु अस्पताल में पशुओं के इलाज और दवा के लिए पहुंचे पशुपालकों को यहां ताला लटका मिला। अस्पताल के बाहर टीकाकरण में जाने का हवाला देकर नोटिस चस्पा किया गया था। यदि यहां चिकित्सक की तैनाती होती तो अस्पताल बंद नहीं करना पड़ता और पशुपालकों को निराश होकर नहीं लौटना पड़ता।
कोट
तीनों चिकित्सक फिलहाल कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है। पदोन्नति के बाद ही चिकित्सकों को संबंधित अस्पतालों में तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। तीनों को अपने अस्पतालों में तैनाती लेनी होगी। इस पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। - डॉ. उदयशंकर, निदेशक, पशुपालन विभाग, देहरादून
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कनालीछीना, बेड़ीनाग और मुनस्यारी पशु अस्पतालों में नियमों के मुताबिक सिर्फ ग्रेड-वन पशु चिकित्सक की ही तैनाती हो सकती है। तीनों ही अस्पतालों में लंबे समय से पशु चिकित्सक न होने से क्षेत्र के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक महीने पूर्व बमुश्किल तीनों अस्पतालों में तैनाती के लिए तीन ग्रेड-वन पशु चिकित्सकों को आदेश जारी हुए। क्षेत्र के पशुपालकों को उम्मीद थी कि जल्द ही डॉक्टर इन अस्पतालों में तैनाती लेंगे और उनके पशुओं को स्थानीय स्तर पर इलाज मिल सकेगा लेकिन किसी भी पशु चिकित्सक ने तैनाती नहीं ली।
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मैदानी क्षेत्रों के अस्पतालों में तैनाती के लिए तो नहीं हो रही सेटिंग
आखिरकार तीनों डॉक्टरों ने अब तक तैनाती क्यों नहीं ली। क्या पदोन्नति देकर निदेशालय ने तीनों डॉक्टरों को फौरी तौर पर पिथौरागढ़ के अस्पतालों में तैनाती लेने के आदेश तो जारी नहीं किए। क्या सीमांत जिले में तैनाती लेने से हाथ पीछे खींचकर मैदानी क्षेत्रों के अस्पताल पाने के लिए सेटिंग तो नहीं की जा रही है। एक महीने बाद भी तैनाती स्थल पर नहीं आने से इस तरह के सवाल उठने लगे हैं और पशु पालक परेशान हैं।
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चिकित्सक न होने से कनालीछीना पशु अस्पताल में लटका मिला ताला
बीते शनिवार को कनालीछीना पशु अस्पताल में पशुओं के इलाज और दवा के लिए पहुंचे पशुपालकों को यहां ताला लटका मिला। अस्पताल के बाहर टीकाकरण में जाने का हवाला देकर नोटिस चस्पा किया गया था। यदि यहां चिकित्सक की तैनाती होती तो अस्पताल बंद नहीं करना पड़ता और पशुपालकों को निराश होकर नहीं लौटना पड़ता।
कोट
तीनों चिकित्सक फिलहाल कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है। पदोन्नति के बाद ही चिकित्सकों को संबंधित अस्पतालों में तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। तीनों को अपने अस्पतालों में तैनाती लेनी होगी। इस पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। - डॉ. उदयशंकर, निदेशक, पशुपालन विभाग, देहरादून