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पिथौरागढ़-घाट एनएच पर 10 घंटे ठप रही आवाजाही
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पिथौरागढ़-घाट एनएच बंद होने से शहर से 12 किमी दूर इग्यारदेवी कस्बे में लगी वाहनों की कतार। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। बारिश थमने के बाद भी पिथौरागढ़ जिले के लोगों की मुसीबत कम नहीं हुई। मंगलवार रात साफ मौसम के बावजूद पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे पर चुपकोट बैंड में बोल्डर आ गए। इसके चलते सुबह साढ़े चार बजे से दोपहर बाद ढाई बजे तक 10 घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। यात्रियों को भूखे-प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। कई स्थानीय यात्री घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करने के बाद लौट गए। दूध, सब्जी और समाचार पत्र भी समय से नहीं पहुंच सके।
छह अक्तूबर से मूसलाधार बारिश के कारण पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे दिल्ली बैंड पर मलबा आने से बंद हो गया था। इसके चलते लोगों को 10 अक्तूबर तक मुसीबत झेलनी पड़ी थी। चार दिनों तक जहां कुछ लोगों ने बेहद जरूरी होने पर थल-सेराघाट रूट से आवाजाही की वहीं अधिकतर लोगों ने यात्रा ही स्थगित कर दी थी।
बारिश रुकने पर 10 अक्तूबर की शाम दिल्ली बैंड से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया था। मंगलवार को हाईवे पर यातायात सामान्य रहा। लोगों को उम्मीद थी कि अब हाईवे पर कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन मंगलवार रात बिना बारिश के पिथौरागढ़ से लगभग 17 किमी दूर चुपकोट बैंड में बोल्डर खिसककर सड़क पर आ गए। इसके चलते पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों को जा रहे और मैदानी क्षेत्रों से सामान लेकर आ रहे ट्रक, टैक्सियां, यात्री बसें मार्ग पर ही फंस गई।
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एनएच खंड की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया लेकिन बड़े बोल्डर होने और बोल्डरों के नीचे लुढ़कने से दो सड़कों को क्षति पहुंचने के खतरे को देखते हुए उन्हें तोड़कर हटाया गया। दिन में 2 बजकर 30 मिनट पर यातायात सुचारु हो सका। इसके बाद यात्री गंतव्य को रवाना हो सके।
अधिकतर यात्री लौटे
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के चहज और डूनी क्षेत्र से पिथौरागढ़ आ रहे वाहन भी घाट पर ही फंस गए। पहले यात्रियों को सड़क के बुधवार सुबह 10 बजे तक खुलने की उम्मीद थी लेकिन यातायात सुचारु नहीं होने के कारण तमाम कार्यों से जिला मुख्यालय आ रहे लोग घाट से ही लौट गए। दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें किसी काम से पिथौरागढ़ जाना था लेकिन सड़क जल्दी नहीं खुली तो उनका काम भी नहीं हो पाएगा और फिर घर लौटने के लिए वाहन नहीं मिलेगा। बैंक, बाजार से खरीदारी सहित सरकारी विभागों में काम के लिए आ रहे लोग भी आधे रास्ते से लौट गए। संवाद
इग्यारदेवी तक लगी रही वाहनों की कतार
पिथौरागढ़। एनएच बंद होने से बुधवार को पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे में एक हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे। स्थिति यह रही कि पिथौरागढ़ से घाट की ओर जा रहे वाहनों की कतार 8-10 किमी दूर इग्यारदेवी तक पहुंच गई। यही स्थिति घाट की ओर से भी रही। सैकड़ों वाहन मटेला बैंड में खड़े रहे जबकि बाकी वाहनों को घाट पर ही रोक दिया गया। जो यात्री ढाबों के पास रुके थे उन्हें चाय-पानी और खाना मिल गया था लेकिन जो जंगल में रुके थे उन्हें भूखे प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि मटेला पहुंचे कुछ यात्री पैदल मोड़ गए और वहां से दूसरे वाहनों से पिथौरागढ़ पहुंचे। संवाद
वैकल्पिक मार्ग होता तो नहीं झेलनी पड़ती मुश्किलें
पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क बनने के बाद भी पिथौरागढ़ की जनता की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। यदि वैकल्पिक सड़क होती तो बरसात में इस तरह की फजीहत नहीं झेलनी पड़ती। पिथौरागढ़ से घाट तक 30 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़क पर सामान्य मौसम में सफर सुगम हो गया है लेकिन बारिश होने पर चुपकोट बैंड और घाट के पास दिल्ली बैंड की पहाड़ी खिसकने से यातायात ठप हो जाता है। सड़क बार-बार बंद होने के कारण हो रही दिक्कतों को देखते हुए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका है। संवाद
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छह अक्तूबर से मूसलाधार बारिश के कारण पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे दिल्ली बैंड पर मलबा आने से बंद हो गया था। इसके चलते लोगों को 10 अक्तूबर तक मुसीबत झेलनी पड़ी थी। चार दिनों तक जहां कुछ लोगों ने बेहद जरूरी होने पर थल-सेराघाट रूट से आवाजाही की वहीं अधिकतर लोगों ने यात्रा ही स्थगित कर दी थी।
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बारिश रुकने पर 10 अक्तूबर की शाम दिल्ली बैंड से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया था। मंगलवार को हाईवे पर यातायात सामान्य रहा। लोगों को उम्मीद थी कि अब हाईवे पर कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन मंगलवार रात बिना बारिश के पिथौरागढ़ से लगभग 17 किमी दूर चुपकोट बैंड में बोल्डर खिसककर सड़क पर आ गए। इसके चलते पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों को जा रहे और मैदानी क्षेत्रों से सामान लेकर आ रहे ट्रक, टैक्सियां, यात्री बसें मार्ग पर ही फंस गई।
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एनएच खंड की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया लेकिन बड़े बोल्डर होने और बोल्डरों के नीचे लुढ़कने से दो सड़कों को क्षति पहुंचने के खतरे को देखते हुए उन्हें तोड़कर हटाया गया। दिन में 2 बजकर 30 मिनट पर यातायात सुचारु हो सका। इसके बाद यात्री गंतव्य को रवाना हो सके।
अधिकतर यात्री लौटे
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के चहज और डूनी क्षेत्र से पिथौरागढ़ आ रहे वाहन भी घाट पर ही फंस गए। पहले यात्रियों को सड़क के बुधवार सुबह 10 बजे तक खुलने की उम्मीद थी लेकिन यातायात सुचारु नहीं होने के कारण तमाम कार्यों से जिला मुख्यालय आ रहे लोग घाट से ही लौट गए। दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें किसी काम से पिथौरागढ़ जाना था लेकिन सड़क जल्दी नहीं खुली तो उनका काम भी नहीं हो पाएगा और फिर घर लौटने के लिए वाहन नहीं मिलेगा। बैंक, बाजार से खरीदारी सहित सरकारी विभागों में काम के लिए आ रहे लोग भी आधे रास्ते से लौट गए। संवाद
इग्यारदेवी तक लगी रही वाहनों की कतार
पिथौरागढ़। एनएच बंद होने से बुधवार को पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे में एक हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे। स्थिति यह रही कि पिथौरागढ़ से घाट की ओर जा रहे वाहनों की कतार 8-10 किमी दूर इग्यारदेवी तक पहुंच गई। यही स्थिति घाट की ओर से भी रही। सैकड़ों वाहन मटेला बैंड में खड़े रहे जबकि बाकी वाहनों को घाट पर ही रोक दिया गया। जो यात्री ढाबों के पास रुके थे उन्हें चाय-पानी और खाना मिल गया था लेकिन जो जंगल में रुके थे उन्हें भूखे प्यासे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि मटेला पहुंचे कुछ यात्री पैदल मोड़ गए और वहां से दूसरे वाहनों से पिथौरागढ़ पहुंचे। संवाद
वैकल्पिक मार्ग होता तो नहीं झेलनी पड़ती मुश्किलें
पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क बनने के बाद भी पिथौरागढ़ की जनता की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। यदि वैकल्पिक सड़क होती तो बरसात में इस तरह की फजीहत नहीं झेलनी पड़ती। पिथौरागढ़ से घाट तक 30 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़क पर सामान्य मौसम में सफर सुगम हो गया है लेकिन बारिश होने पर चुपकोट बैंड और घाट के पास दिल्ली बैंड की पहाड़ी खिसकने से यातायात ठप हो जाता है। सड़क बार-बार बंद होने के कारण हो रही दिक्कतों को देखते हुए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका है। संवाद

पिथौरागढ़-घाट एनएच में सड़क पर गिरे बोल्डर। संवाद- फोटो : PITHORAGARH