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पर्यटन नगरी मुनस्यारी में कूड़े से स्वागत
ब्यूरो/अमर उजाला /पिथौरागढ़
Updated Tue, 10 Feb 2015 11:33 PM IST
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लोगों को उम्मीद थी कि मुनस्यारी में नगर पंचायत का गठन होता तो कम से कम नगर की सफाई व्यवस्था में सुधार आ जाता। कुमाऊं के इस पर्यटन स्थल में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। पूरे नगर में सिर्फ एक शौचालय और एक मूत्रालय है। कूड़े के ढेर हर जगह दिखाई देते हैं। व्यापारियों ने सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती खुद के खर्चे पर की है। इसके लिए हर व्यापारी से हर महीने 50 रुपए लिए जाते हैं।
होली के तुरंत बाद मुनस्यारी में पर्यटकों की आवाजाही होने लगती है। हर साल बड़ी संख्या में बंगाली पर्यटक, विदेशी पर्यटक और ट्रैकर यहां आने लगते हैं। ठीक मार्च से ही माइग्रेशन पर गए लोगों की गांव वापसी भी होने लगती है लेकिन सफाई की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी परेशान रहते हैं। व्यापारियों ने कई बार सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए आवाज उठाई थी। पर समाधान कुछ नहीं हुआ। व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद पांगती और महामंत्री प्रमोद द्विवेदी का कहना है कि नगर पंचायत का गठन हुए बगैर सफाई व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। नगर पंचायत का गठन हो जाने पर कम से कम चार-पांच सफाई कर्मचारी तो मिल जाते। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत गठन की घोषणा तो की है लेकिन नगर पंचायत में शामिल होने वाले गांवों के विरोध के चलते इस पर फैसला नहीं हो पाया है।
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होली के तुरंत बाद मुनस्यारी में पर्यटकों की आवाजाही होने लगती है। हर साल बड़ी संख्या में बंगाली पर्यटक, विदेशी पर्यटक और ट्रैकर यहां आने लगते हैं। ठीक मार्च से ही माइग्रेशन पर गए लोगों की गांव वापसी भी होने लगती है लेकिन सफाई की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी परेशान रहते हैं। व्यापारियों ने कई बार सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए आवाज उठाई थी। पर समाधान कुछ नहीं हुआ। व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद पांगती और महामंत्री प्रमोद द्विवेदी का कहना है कि नगर पंचायत का गठन हुए बगैर सफाई व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। नगर पंचायत का गठन हो जाने पर कम से कम चार-पांच सफाई कर्मचारी तो मिल जाते। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत गठन की घोषणा तो की है लेकिन नगर पंचायत में शामिल होने वाले गांवों के विरोध के चलते इस पर फैसला नहीं हो पाया है।
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