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धारचूला में भारी बारिश: दो पुल बहे, 140 परिवारों का दुनिया से कटा संपर्क, 50 परिवारों ने कैंप में गुजारी रात

Wed, 09 Jul 2025 01:59 PM IST
हीरा मेहरा शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 09 Jul 2025 01:59 PM IST
सार

धारचूला के पास तीजम गांव में देर रात बादल फट गया। बादल फटने व तेज बारिश और नेहल गाड़ में जलस्तर के खतरनाक स्तर तक बढ़ने से भारी तबाही हुई है। भारी तबाही से 50 से अधिक परिवार प्रभावित हुआ है।

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Torrential rain caused Destruction in dharchula Pithoragarh
तेज बारिश से मची तबाही - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धारचूला की तल्ला दारमा घाटी के उमचिया में अतिवृष्टि से उफान पर आया नेहल नाला दो पुलों को बहा ले गया। मूसलाधार बारिश के बीच रात भर बादलों की गड़गड़ाहट और नेहल नाले में बहते बोल्डरों के शोर से घबराए ग्रामीणों ने गोरखा रेजीमेंट के कैंप में रात गुजारी। पुलों के बहने से दो गांवों के 140 से अधिक परिवारों का शेष दुनिया से संपर्क कट गया है।

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तल्ला दारमा क्षेत्र में मंगलवार रात 11 बजे भारी बारिश शुरू हो गई। उमचिया गांव के करीब से बहने वाले नेहल नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया। इससे पीएमजीएसवाई के सोबला-उमचिया मोटर मार्ग पर 2.13 करोड़ रुपये से बना 36 मीटर लंबा और 47 टन वजनी मोटर पुल ध्वस्त हो गया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग का तीजम और वतन तोक को जोड़ने वाला लाखों की लागत से निर्मित पैदल पुल भी बह गया। बारिश और नदी के शोर से भयभीत 50 परिवारों ने मूसलाधार बारिश के बीच सेना के गोरखा रेजीमेंट के कैंप में शरण ली।अतिवृष्टि से नेहल गाड़ के उफान पर आने से दो पुल बह गए हैं। नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजी गई है। -जितेंद्र वर्मा, एसडीएम धारचूला।

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अलग-थलग पड़ गए दो गांवों के 140 परिवार
नेहल नाले पर बने दो पुलों के बहने से दो गांवों के 140 परिवार हैं। अलग-थलग पड़ गए हैं। उनके सामने समस्याएं खड़ी हो गई हैं। पीएमजीएसवाई के सोबला उमचिया मोटर पुल के बहने से सुमदुम, गुम पंगा, करतो और उमचिया के लगभग 120 परिवार और लोक निर्माण विभाग का तीजम और वतन को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल बहने से वतन तोक के लगभग 20 परिवार प्रभावित हुए हैं। 
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नदी में पड़ा है पुल का मलबा
टूटे पुल का मलबा नेहल नाले में बिखरा नजर आ रहा है। लकड़ी के पुल का कहीं नामोनिशान नजर नहीं आया। बिष्ट कॉलोनी में भू कटाव से आठ से अधिक भवन खतरे की जद में हैं। इसके अलावा बिजली के दो पोल भी बह गए।


छिरकिला डेम के गेट खोलने के दिए निर्देश
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बिष्ट ने तहसीलदार दमन शेखर राणा को रात्रि में घटना की सूचना दी। इसके बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया। प्रशासन ने नेहल नाले के बढ़ते जलस्तर और भारी बारिश को देखते हुए धौलीगंगा परियोजना के अधिकारियों को छिरकिला डेम के गेट खोलने के निर्देश दिए ताकि धौली नदी और काली नदी का जलस्तर कम हो जाए और तवाघाट से जौलजीबी तक कोई नुकसान न हो।

सोबला से उमचिया मोटर मार्ग के नेहल नाले में निर्मित 36 मीटर स्पान स्टील मोटर पुल बह गया है। इसके अलावा पुल तक पहुंच मार्ग भी दोनों ओर 50-50 मीटर तक पूरी तरह से बह चुका है। नुकसान का जायजा लेने के लिए एक टीम मौके पर गई है। 
- किशन सिंह ऐरी, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई धारचूला।


बीती रात भारी बारिश के कारण धौली नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्राम खीम में बने खिम झूला पुल की सुरक्षा दीवार को क्षति पहुंची है। मौके पर जेई आशीष पांडे और अन्य कर्मचारी गए हैं। अस्थायी सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। इस आपदा से विभाग को लगभग 30 लाख रुपये की हानि हुई है। स्थायी सुरक्षात्मक कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। - आशीष लुंठी, एई लोक निर्माण विभाग।

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