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तीन तेंदुए चिन्हित, शिकारियों को चौथे की तलाश
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पौड़ी से आए शिकारी जॉय हुकिल।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सोरघाटी में तेंदुओं की दस्तक के चलते अधिकतर मोहल्लों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। आसपास के गांवों के लोग भी सूरज ढलने के बाद घरों में कैद हो जा रहे हैं। पपदेव गांव में दो बार तेंदुआ आया वहीं चंडाक रोड और कुमौड़ एक्सचेंज के पास लोगों ने तेंदुआ देखा। शिकारियों ने पपदेव क्षेत्र में तीन तेंदुए चिह्नित कर लिए हैं। टीम को आदमखोर चौथे तेंदुए की तलाश है।
पिछले डेढ़ माह से अधिक समय से नगर समेत आसपास के गांवों में तेंदुओं की धमक बनी हुई है। पपदेव के जंगल में महिला को मौत के घाट उतारने के बाद वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर घोषित किया। उसे पिंजरे में फंसाने के लिए पौड़ी से शिकारी जॉय हुकिल की टीम को बुलाया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ रेंज के साथ ही डीडीहाट, अस्कोट और धारचूला से भी 15 वन कर्मियों को तेंदुओं की तलाश में लगाया गया है। पपदेव और किरगांव में दो बड़े तेंदुए चिह्नित किए गए हैं। इन दोनों जगहों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं लेकिन तेंदुए इनमें फंस नहीं रहे हैं। सोमवार रात आठ बजे पपदेव गांव में फिर से तेंदुए ने दस्तक दी। ग्रामीणों के शोर के बाद वह भाग गया लेकिन फिर आकर एक घर की सीढ़ी चढ़ने लगा। सूचना पर वन विभाग और शिकारी जॉय हुकिल की टीम मौके पर पहुंची। हुकिल ने बताया कि उस समय टीम चंडाक रोड पर गश्त कर रही थी। टीम जब तक गांव में पहुंची तब तक तेंदुआ भाग गया। जॉय ने बताया कि क्षेत्र में चार तेंदुओं की आवाजाही है। तीन तेंदुए चिह्नित कर लिए गए हैं। खच्चर का शिकार करने वाला तेंदुआ अलग है। इसके अलावा दूसरा बड़ा तेंदुआ है जबकि तीसरे तेंदुए के पांव में चोट है। इन तीनों के अलावा एक तेंदुआ और है जिसकी टीम को तलाश है। उन्होंने बताया कि घास और झाड़ियां काफी अधिक होने से पपदेव में सोमवार रात घुसे तेंदुए के निशान लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पपदेव गांव में घर में घुसकर बच्चे पर हमला करने वाला और तीन सितंबर को महिला को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ एक ही है। उन्होंने बताया कि देर रात दो बजे और तड़के पांच बजे से क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।
सुबह की सैर पर जाना भी हुआ बंद
पिथौरागढ़। तेंदुए के डर से लोगों ने सुबह की सैर पर जाना भी बंद कर दिया है। चंडाक रोड पर प्रतिदिन 200 से अधिक लोग सुबह चार बजे से सैर को निकल जाते हैं। तेंदुए के डर से अब घूमने वालों की तादात काफी कम हो गई है। सुबह महादेव धारा से पानी लेने भी काफी कम लोग पहुंच रहे हैं। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने लोगों से समूह के रूप में आवाजाही करने का अनुरोध किया है।
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पिछले डेढ़ माह से अधिक समय से नगर समेत आसपास के गांवों में तेंदुओं की धमक बनी हुई है। पपदेव के जंगल में महिला को मौत के घाट उतारने के बाद वन विभाग ने तेंदुए को आदमखोर घोषित किया। उसे पिंजरे में फंसाने के लिए पौड़ी से शिकारी जॉय हुकिल की टीम को बुलाया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ रेंज के साथ ही डीडीहाट, अस्कोट और धारचूला से भी 15 वन कर्मियों को तेंदुओं की तलाश में लगाया गया है। पपदेव और किरगांव में दो बड़े तेंदुए चिह्नित किए गए हैं। इन दोनों जगहों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं लेकिन तेंदुए इनमें फंस नहीं रहे हैं। सोमवार रात आठ बजे पपदेव गांव में फिर से तेंदुए ने दस्तक दी। ग्रामीणों के शोर के बाद वह भाग गया लेकिन फिर आकर एक घर की सीढ़ी चढ़ने लगा। सूचना पर वन विभाग और शिकारी जॉय हुकिल की टीम मौके पर पहुंची। हुकिल ने बताया कि उस समय टीम चंडाक रोड पर गश्त कर रही थी। टीम जब तक गांव में पहुंची तब तक तेंदुआ भाग गया। जॉय ने बताया कि क्षेत्र में चार तेंदुओं की आवाजाही है। तीन तेंदुए चिह्नित कर लिए गए हैं। खच्चर का शिकार करने वाला तेंदुआ अलग है। इसके अलावा दूसरा बड़ा तेंदुआ है जबकि तीसरे तेंदुए के पांव में चोट है। इन तीनों के अलावा एक तेंदुआ और है जिसकी टीम को तलाश है। उन्होंने बताया कि घास और झाड़ियां काफी अधिक होने से पपदेव में सोमवार रात घुसे तेंदुए के निशान लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पपदेव गांव में घर में घुसकर बच्चे पर हमला करने वाला और तीन सितंबर को महिला को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ एक ही है। उन्होंने बताया कि देर रात दो बजे और तड़के पांच बजे से क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।
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सुबह की सैर पर जाना भी हुआ बंद
पिथौरागढ़। तेंदुए के डर से लोगों ने सुबह की सैर पर जाना भी बंद कर दिया है। चंडाक रोड पर प्रतिदिन 200 से अधिक लोग सुबह चार बजे से सैर को निकल जाते हैं। तेंदुए के डर से अब घूमने वालों की तादात काफी कम हो गई है। सुबह महादेव धारा से पानी लेने भी काफी कम लोग पहुंच रहे हैं। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने लोगों से समूह के रूप में आवाजाही करने का अनुरोध किया है।
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