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बारिश से धारचूला के खुमती में तीन अस्थायी पुल बहे
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खुमती गाड़ में पूर्व में बनाया गया अस्थायी पुल जो जल स्तर बढ़ने से बह गया है। (फाइल)
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्राम पंचायत खुमती में खुमतीगाड़ का जलस्तर बढ़ने से दुमौलिया, रोलाताली और घट्टाबगड़ नाले पर बनाए गए अस्थायी पुल बह गए हैं। इससे ग्राम पंचायत खुमती की 900 से अधिक की आबादी के साथ ही स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2020 में आई आपदा से खुमती नाले पर बने चार आरसीसी पुल टूट गए थे। तब प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ी के चार पुल बनाए थे। ग्राम प्रधान गोपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में ग्रामीणों की ओर से बनाए गए वैकल्पिक पुलों की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।
इसके अलावा बीते 28 जून को भी बारिश से खुमती गाड़ पर बने चार अस्थायी लकड़ी के पुल बह गए थे। पुल नहीं होने से बांसधार, लेकसल्ला घटबगड़, सिपालथौड़, बजानी, मल्लाधूरा, जड़बूंगा, अमल्यानी तोकों से जीआईसी खुमती और राजकीय प्राथमिक विद्यालय खुमती में पढ़ने वाले करीब 60 छात्र-छात्राएं 15 दिनों तक विद्यालय नहीं जा पाए।
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इसके बाद प्रशासन और ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी के आश्वासन पर ग्रामीणों के सहयोग से लकड़ी के अस्थायी पुल तैयार किए गए जो एक सितंबर की बारिश में फिर बह गए हैं। प्रधान ने कहा कि खुमती के लोग 2020 से लगातार आपदा के दंश झेल रहे हैं। पुलों के निर्माण की मांग लगातार शासन-प्रशासन से की जा रही है। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सीणी चामा सड़क फिर बंद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। 15 दिन पहले खुली सीणी चामा सड़क बारिश के बाद फिर से बंद हो गई है। जुलाई में बारिश से बंद इस सड़क को पीएमजीएसवाई ने बड़ी मशक्कत के बाद अगस्त में खोला था। बृहस्पतिवार को दिन से ही हो रही बारिश के चलते सीणी चामा सड़क फिर बंद हो गई है। सीणी के सरपंच हिमांशु चुफाल ने बताया कि सड़क बंद होने से ग्रामीणों को डीडीहाट, आदिचौरा जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीडीहाट के शिव मंदिर वार्ड में भी बारिश के चलते कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। पुष्पा देउपा के मकान के आगे का रास्ता पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। डीडीहाट ओगला सड़क पर भी कई स्थानों पर मलबा आ गया है। एसडीएम अनुराग आर्या का कहना है कि सभी विभागों को मानसूनकाल में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
शवदाह करने जा रहे लोग 11 घंटे फंसे
अस्कोट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से टनकपुर-तवाघाट एनएच लखनपुर (जौलजीबी) के पास बंद हो गया जिससे वृद्धा का शवदाह करने जा रहे हरिपुर से हंसेश्वर घाट जा रहे लोग परेशान रहे। करीब 11 घंटे तक रास्ते में ही फंसे रहने के बाद जौलजीबी में अंत्येष्टि की गई। सड़क बंद होने से धारचूला से दिल्ली, टनकपुर, हल्द्वानी की ओर आने वाली बस और टैक्सियां भी फंसी रहीं। नतीजतन यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखनपुर के पास खड़ी चट्टानें होने के कारण सड़क के अलावा कहीं से भी पैदल आवाजाही का वैकल्पिक रास्ता नहीं है। वहीं अस्कोट क्षेत्र की सैंथल से बड़ीगांव, मौचोरा, रसगाड़ी, गदाली गांव की ओर जाने वाली सड़कें भी बंद हैं। इससे लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
मुनस्यारी में बिजली गुल, सड़कें क्षतिग्रस्त
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। विकासखंड मुनस्यारी में लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। नाचनी-मुनस्यारी और मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति ठप होने से 30 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। यूपीसीएल के कर्मचारी विद्युत लाइन को ठीक करने में जुटे हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से भवनों को खतरा
थल (पिथौरागढ़)। दो दिन से हो रही बारिश से रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के तीनों घाट पानी से भर गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से टोल बाजार के किनारे बने 14 मकानों को खतरा हो गया है। टोल बाजार निवासी गिरीश कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 में उनके मकान का एक हिस्सा रामगंगा में गिर गया था। अब तक शासन-प्रशासन की ओर से यहां पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए हैं। उन्होंने सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश (एमएम)
धारचूला 113.6
मुनस्यारी 65.4
डीडीहाट 26.5
बेड़ीनाग 21.6
पिथौरागढ़ 25.00
नदियों का जलस्तर
नदी जलस्तर खतरे का निशान
काली नदी 889.30 890.00
गोरी नदी जौलजीबी 605.50 606.80
गोरी नदी मदकोट 1212.90 1215.00
सरयू नदी 449.20 453.00
ये सड़कें बंद हैं
नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-बसंतकोट, मंसूरी-कांडा-होकरा, गिन्नी बैंड-समकोट, आदिचौरा-सिन्नी, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाल, छिरकिला-जम्कू, सेलमाली-बिचना, पौड़ी-घटकूना, गलाती-रमतोली, मुनस्यारी-हरकोट, बैराज-बैराजुब्बर, आदिचौरा-हुनेरा, सानदेव-तुर्गोली, डीडीहाट-पमस्यारी, झूलाघाट-बलतड़ी, डीडीहाट-दूनाकोट, मदकोट-बौना, बांकू सड़क, थल-मुनस्यारी, रामगंगा पुल क्विटी-गिरगांव, जौलजीबी-बरम, तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-लिपुलेख।
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वर्ष 2020 में आई आपदा से खुमती नाले पर बने चार आरसीसी पुल टूट गए थे। तब प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लकड़ी के चार पुल बनाए थे। ग्राम प्रधान गोपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में ग्रामीणों की ओर से बनाए गए वैकल्पिक पुलों की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।
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इसके अलावा बीते 28 जून को भी बारिश से खुमती गाड़ पर बने चार अस्थायी लकड़ी के पुल बह गए थे। पुल नहीं होने से बांसधार, लेकसल्ला घटबगड़, सिपालथौड़, बजानी, मल्लाधूरा, जड़बूंगा, अमल्यानी तोकों से जीआईसी खुमती और राजकीय प्राथमिक विद्यालय खुमती में पढ़ने वाले करीब 60 छात्र-छात्राएं 15 दिनों तक विद्यालय नहीं जा पाए।
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इसके बाद प्रशासन और ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी के आश्वासन पर ग्रामीणों के सहयोग से लकड़ी के अस्थायी पुल तैयार किए गए जो एक सितंबर की बारिश में फिर बह गए हैं। प्रधान ने कहा कि खुमती के लोग 2020 से लगातार आपदा के दंश झेल रहे हैं। पुलों के निर्माण की मांग लगातार शासन-प्रशासन से की जा रही है। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सीणी चामा सड़क फिर बंद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। 15 दिन पहले खुली सीणी चामा सड़क बारिश के बाद फिर से बंद हो गई है। जुलाई में बारिश से बंद इस सड़क को पीएमजीएसवाई ने बड़ी मशक्कत के बाद अगस्त में खोला था। बृहस्पतिवार को दिन से ही हो रही बारिश के चलते सीणी चामा सड़क फिर बंद हो गई है। सीणी के सरपंच हिमांशु चुफाल ने बताया कि सड़क बंद होने से ग्रामीणों को डीडीहाट, आदिचौरा जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीडीहाट के शिव मंदिर वार्ड में भी बारिश के चलते कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। पुष्पा देउपा के मकान के आगे का रास्ता पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। डीडीहाट ओगला सड़क पर भी कई स्थानों पर मलबा आ गया है। एसडीएम अनुराग आर्या का कहना है कि सभी विभागों को मानसूनकाल में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
शवदाह करने जा रहे लोग 11 घंटे फंसे
अस्कोट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से टनकपुर-तवाघाट एनएच लखनपुर (जौलजीबी) के पास बंद हो गया जिससे वृद्धा का शवदाह करने जा रहे हरिपुर से हंसेश्वर घाट जा रहे लोग परेशान रहे। करीब 11 घंटे तक रास्ते में ही फंसे रहने के बाद जौलजीबी में अंत्येष्टि की गई। सड़क बंद होने से धारचूला से दिल्ली, टनकपुर, हल्द्वानी की ओर आने वाली बस और टैक्सियां भी फंसी रहीं। नतीजतन यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लखनपुर के पास खड़ी चट्टानें होने के कारण सड़क के अलावा कहीं से भी पैदल आवाजाही का वैकल्पिक रास्ता नहीं है। वहीं अस्कोट क्षेत्र की सैंथल से बड़ीगांव, मौचोरा, रसगाड़ी, गदाली गांव की ओर जाने वाली सड़कें भी बंद हैं। इससे लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है।
मुनस्यारी में बिजली गुल, सड़कें क्षतिग्रस्त
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। विकासखंड मुनस्यारी में लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। नाचनी-मुनस्यारी और मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति ठप होने से 30 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। यूपीसीएल के कर्मचारी विद्युत लाइन को ठीक करने में जुटे हैं।
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से भवनों को खतरा
थल (पिथौरागढ़)। दो दिन से हो रही बारिश से रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के तीनों घाट पानी से भर गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से टोल बाजार के किनारे बने 14 मकानों को खतरा हो गया है। टोल बाजार निवासी गिरीश कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 में उनके मकान का एक हिस्सा रामगंगा में गिर गया था। अब तक शासन-प्रशासन की ओर से यहां पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए हैं। उन्होंने सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश (एमएम)
धारचूला 113.6
मुनस्यारी 65.4
डीडीहाट 26.5
बेड़ीनाग 21.6
पिथौरागढ़ 25.00
नदियों का जलस्तर
नदी जलस्तर खतरे का निशान
काली नदी 889.30 890.00
गोरी नदी जौलजीबी 605.50 606.80
गोरी नदी मदकोट 1212.90 1215.00
सरयू नदी 449.20 453.00
ये सड़कें बंद हैं
नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-बसंतकोट, मंसूरी-कांडा-होकरा, गिन्नी बैंड-समकोट, आदिचौरा-सिन्नी, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाल, छिरकिला-जम्कू, सेलमाली-बिचना, पौड़ी-घटकूना, गलाती-रमतोली, मुनस्यारी-हरकोट, बैराज-बैराजुब्बर, आदिचौरा-हुनेरा, सानदेव-तुर्गोली, डीडीहाट-पमस्यारी, झूलाघाट-बलतड़ी, डीडीहाट-दूनाकोट, मदकोट-बौना, बांकू सड़क, थल-मुनस्यारी, रामगंगा पुल क्विटी-गिरगांव, जौलजीबी-बरम, तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-लिपुलेख।