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Pithoragarh News: नायब तहसीलदार, पुलिसकर्मी से हाथापाई के दोषियों को सजा
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पिथौरागढ़। सिविल जज सीनियर डिविजन आरती सरोहा की अदालत ने लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन कर नायब तहसीलदार के साथ धक्का-मुक्की करने और पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई करने के एक दोषी को दो वर्ष और तीन अन्य को एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 5 जुलाई 2020 को कुछ युवकों ने कोरोनाकाल में लॉकडाउन का उल्लंघन कर नायब तहसीलदार और ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी के साथ गालीगलौज, धक्का-मुक्की व हाथापाई की थी। इस मामले में पिथौरागढ़ कोतवाली में गौरव बिष्ट, उसके साथी सौरभ बिष्ट, दिग्विजय सिंह और ऋषभ मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पिथौरागढ़ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। बुधवार को सिविल जज सीनियर डिविजन आरती सरोहा की अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद गौरव बिष्ट को भारतीय दंड संहिता की धारा 269 के तहत छह माह का सश्रम कारावास, धारा 270 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 353 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 332 के लिए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अन्य तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 269 के तहत छह माह का सश्रम कारावास, धारा 270 और 353 के तहत एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने की ।
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मामले के अनुसार 5 जुलाई 2020 को कुछ युवकों ने कोरोनाकाल में लॉकडाउन का उल्लंघन कर नायब तहसीलदार और ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी के साथ गालीगलौज, धक्का-मुक्की व हाथापाई की थी। इस मामले में पिथौरागढ़ कोतवाली में गौरव बिष्ट, उसके साथी सौरभ बिष्ट, दिग्विजय सिंह और ऋषभ मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पिथौरागढ़ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। बुधवार को सिविल जज सीनियर डिविजन आरती सरोहा की अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद गौरव बिष्ट को भारतीय दंड संहिता की धारा 269 के तहत छह माह का सश्रम कारावास, धारा 270 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 353 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 332 के लिए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अन्य तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 269 के तहत छह माह का सश्रम कारावास, धारा 270 और 353 के तहत एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने की ।
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