{"_id":"66941348a3159d8770028659","slug":"there-is-no-veterinarian-in-ganaigangoli-for-five-years-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-115496-2024-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: गणाईगंगोली में पांच साल से नहीं है पशु चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: गणाईगंगोली में पांच साल से नहीं है पशु चिकित्सक
Sun, 14 Jul 2024 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:34 PM IST
विज्ञापन
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़) । क्षेत्र के 120 गावों के एक मात्र पशु चिकित्सालय में विगत पांच साल से पशु चिकित्सक नहीं होने से पशु पालकों को परेशानी हो रही है। पशुपालकों ने शीघ्र चिकित्सक की तैनाती की मांग उठाई है।
पांच साल पहले तैनात पशु चिकित्सक हिना मलिक मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं। वह तब से न तो वापस लौटीं और न ही कोई नया डाॅक्टर यहां तैनात किया गया। क्षेत्र के लोगों ने शीघ्र पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पशु चिकित्सक नहीं होने से 2023 में दर्जनों गाय लंपी बीमारी से मर गई थीं।
कोट
राजकीय पशु चिकित्सालय में पांच वर्षों से चिकित्सक नहीं होना पशुपालकों के साथ अन्याय है। एक माह के भीतर चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करेंगे। - राजेश बोरा, उप प्रधान चौकी।
विज्ञापन
कोट
पशु चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं होने से पिछले साल मेरी बीमार गाय इलाज के अभाव में मर गई। गाय को इलाज मिलता हो यह नौबत नहीं आती। - गिरीश उपाध्याय, कूना।
कोट
पशु चिकित्सालय में पूर्व में तैनात चिकित्सक ने त्याग पत्र दे दिया है। अब पशु चिकित्सक की जल्द से जल्द तैनाती की जानी चाहिए। - गोविंद पंत, पशु पालक कुनल्ता
कोट
पशु चिकित्सालय में पिछले पांच साल से चिकित्सक नहीं होने से पशुपालक परेशान हैं। यह क्षेत्रीय जनता के साथ खिलवाड़ है। - मनोज कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता।
विज्ञापन
पांच साल पहले तैनात पशु चिकित्सक हिना मलिक मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं। वह तब से न तो वापस लौटीं और न ही कोई नया डाॅक्टर यहां तैनात किया गया। क्षेत्र के लोगों ने शीघ्र पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पशु चिकित्सक नहीं होने से 2023 में दर्जनों गाय लंपी बीमारी से मर गई थीं।
विज्ञापन
कोट
राजकीय पशु चिकित्सालय में पांच वर्षों से चिकित्सक नहीं होना पशुपालकों के साथ अन्याय है। एक माह के भीतर चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करेंगे। - राजेश बोरा, उप प्रधान चौकी।
विज्ञापन
कोट
पशु चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं होने से पिछले साल मेरी बीमार गाय इलाज के अभाव में मर गई। गाय को इलाज मिलता हो यह नौबत नहीं आती। - गिरीश उपाध्याय, कूना।
कोट
पशु चिकित्सालय में पूर्व में तैनात चिकित्सक ने त्याग पत्र दे दिया है। अब पशु चिकित्सक की जल्द से जल्द तैनाती की जानी चाहिए। - गोविंद पंत, पशु पालक कुनल्ता
कोट
पशु चिकित्सालय में पिछले पांच साल से चिकित्सक नहीं होने से पशुपालक परेशान हैं। यह क्षेत्रीय जनता के साथ खिलवाड़ है। - मनोज कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता।