{"_id":"5f8829968ebc3e9b8d707c22","slug":"the-villagers-agreed-only-after-giving-written-assurance-of-employment-pithoragarh-news-hld4005879101","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं तो पीएम भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं तो पीएम भी नहीं
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पपदेव गांव में तेंदुए के हमले में मृत महिला के परिवार को उचित मुआवजे के साथ ही एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस में जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक वन विभाग नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं देता है तब तक पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया जाएगा और न शव उठाया जाएगा। घंटों चले हंगामे के बाद वन विभाग के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शव को उठाया।
बता दें कि बुधवार की शाम को पपदेव गांव निवासी बसंती देवी को तेंदुए ने मार डाला था। बृहस्पतिवार सुबह पीएम हाउस पहुंचे पपदेव गांव के ग्रामीणों ने मृतका के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का ठोस आश्वासन देने की मांग को लेकर शव नहीं उठाया। कहा कोरे आश्वासनों पर बिल्कुल विश्वास नहीं किया जाएगा।
तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद वन विभाग ने शासन से अनुमति मिलने के बाद नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण मान और मृतका का शव पोस्टमार्टम हाउस से उठाया। पपदेव की प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि मृतका बसंती देवी के छोटे बच्चे हैं। उनके पति धनी राम मजदूरी कर भरण पोषण का काम करते हैं।
विज्ञापन
पत्नी की मौत के बाद उनके लिए छोटे बच्चों के साथ घर चलाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे पकड़ने या मारने की कार्रवाई शीघ्र की जाए। कहा कई घटनाएं होने के बाद भी वन विभाग ने घोर लापरवाही बरती है। जिस कारण महिला का जान चली गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इस मौके पर बबलू प्रसाद, राजेंद्र वर्मा, सचिन चौधरी, महिपाल वल्दिया समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
विज्ञापन
बता दें कि बुधवार की शाम को पपदेव गांव निवासी बसंती देवी को तेंदुए ने मार डाला था। बृहस्पतिवार सुबह पीएम हाउस पहुंचे पपदेव गांव के ग्रामीणों ने मृतका के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का ठोस आश्वासन देने की मांग को लेकर शव नहीं उठाया। कहा कोरे आश्वासनों पर बिल्कुल विश्वास नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद वन विभाग ने शासन से अनुमति मिलने के बाद नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण मान और मृतका का शव पोस्टमार्टम हाउस से उठाया। पपदेव की प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि मृतका बसंती देवी के छोटे बच्चे हैं। उनके पति धनी राम मजदूरी कर भरण पोषण का काम करते हैं।
विज्ञापन
पत्नी की मौत के बाद उनके लिए छोटे बच्चों के साथ घर चलाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे पकड़ने या मारने की कार्रवाई शीघ्र की जाए। कहा कई घटनाएं होने के बाद भी वन विभाग ने घोर लापरवाही बरती है। जिस कारण महिला का जान चली गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इस मौके पर बबलू प्रसाद, राजेंद्र वर्मा, सचिन चौधरी, महिपाल वल्दिया समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।