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24 साल तक झेली अधूरे सुलभ शौचालय की समस्या
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
Updated Wed, 05 Oct 2016 10:43 PM IST
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अस्कोट में इस हालत में है पुराना शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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अस्कोट के लोगों ने 24 साल से अधूरे सुलभ शौचालय की समस्या झेली। चार महीने पहले बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) मद से सार्वजनिक शौचालय के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई। टेंडर हो गए हैं, लेकिन आपसी खींचतान के कारण शौचालय का निर्माण नहीं हो रहा है।
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वर्ष 1992 में सुलभ इंटरनेशनल कंपनी ने अस्कोट में सुलभ शौचालय का निर्माण कार्य शुरू किया, इसे बाद में कंपनी ने काम अधूरा छोड़ दिया। कस्बे के व्यापारी और स्थानीय लोग 24 सालों से सुलभ शौचालय का अधूरा काम पूरा करने की मांग कर रहे थे। अप्रैल में विकासखंड कार्यालय ने अस्कोट में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए बीएडीपी मद से 5 लाख रुपये स्वीकृत किए। 23 मई 2016 को टेंडर हो गए, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ।
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पड़ताल में सामने आया कि वर्ष 1992 में एक व्यक्ति से कंपनी ने शौचालय का काम कराया था। उसका भी भुगतान कंपनी ने नहीं किया। शौचालय का ठेका किसी और व्यक्ति का हो गया। पहले काम करने वाला व्यक्ति चाहता है कि वह काम कराए, क्योंकि पहले के काम में उसका पैसा फंसा हुआ है। व्यापार मंडल समेत तमाम लोग उस व्यक्ति के समर्थन में हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष टिकेंद्र पाल कहते हैं कि जिसका पहले नुकसान हुआ है, उसको काम दे देना चाहिए।
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दो पक्षों की तकरार में सार्वजनिक शौचालय का मामला अटका पड़ा है। ब्लॉक कार्यालय, जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई पहल सामने नहीं आ रही है। विकास खंड कार्यालय के अवर अभियंता राजीव पांडे कहते हैं, पहले काम कराने वाला व्यक्ति अनापत्ति दे दे तो पुराने सुलभ शौचालय में ही शौचालय बनाया जाएगा। जमीन मिलने पर अन्यत्र निर्माण कराया जाएगा।