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व्यक्ति हो गया स्वस्थ, देरी से आई ओमिक्रॉन संक्रमित होने की रिपोर्ट
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पिथौरागढ़ में कोरोना संक्रमण के बीच बाजार में भीड़। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। कुमाऊं क्षेत्र में ओमिक्रॉन जांच की कोई सुविधा नहीं है। इसके लिए नमूने जीनोम सिक्वेसिंग के लिए देहरादून भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। सोमवार को आई रिपोर्ट में एक व्यक्ति में कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप मिलने की पुष्टि हुई लेकिन तब तक उक्त व्यक्ति आइसोलेशन की अवधि पूरी कर चुका था।
जिला मुख्यालय में 23 दिसंबर 2021 में नगर से सटे एक गांव का एक व्यक्ति संक्रमित मिला था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जांच भी की। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण को रोकने का कार्य किया। इधर हल्द्वानी लैब से संक्रमित का सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए देहरादून भेजा गया, जिसमें उसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई। इसकी रिपोर्ट सोमवार रात आई, तब तक संक्रमित ने आइसोलेशन अवधि पूरी कर ली थी।
ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों की प्राथमिकता बनती है कि वो जांच रिपोर्ट आने तक घर पर रहे। जाने अनजाने अपने क्षेत्र में ओमिक्रॉन फैला सकते हैं।
जिस संक्रमित ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। उसने 30 दिसंबर को ही आइसोलेशन पूरा कर लिया था। उसे किसी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं थी। वो 23दिसंबर को वो संक्रमित मिला था। जांच के बाद क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनाया गया था। जिले में कोरोना संक्रमण को फैलने से सिर्फ नियमों का पालन कर ही रोका जा सकता है, जिसमें जनता के सहयोग की अपेक्षा है। - डॉ. एचएस ह्यांकी,सीएमओ
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जिला मुख्यालय में 23 दिसंबर 2021 में नगर से सटे एक गांव का एक व्यक्ति संक्रमित मिला था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जांच भी की। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण को रोकने का कार्य किया। इधर हल्द्वानी लैब से संक्रमित का सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए देहरादून भेजा गया, जिसमें उसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई। इसकी रिपोर्ट सोमवार रात आई, तब तक संक्रमित ने आइसोलेशन अवधि पूरी कर ली थी।
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ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों की प्राथमिकता बनती है कि वो जांच रिपोर्ट आने तक घर पर रहे। जाने अनजाने अपने क्षेत्र में ओमिक्रॉन फैला सकते हैं।
जिस संक्रमित ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। उसने 30 दिसंबर को ही आइसोलेशन पूरा कर लिया था। उसे किसी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं थी। वो 23दिसंबर को वो संक्रमित मिला था। जांच के बाद क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनाया गया था। जिले में कोरोना संक्रमण को फैलने से सिर्फ नियमों का पालन कर ही रोका जा सकता है, जिसमें जनता के सहयोग की अपेक्षा है। - डॉ. एचएस ह्यांकी,सीएमओ
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