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Pithoragarh News: बेस में होगी ओपीडी, अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल जाएंगे मरीज
Fri, 23 Oct 2026 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 23 Oct 2026 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का सपना दिखाकर 65 करोड़ से खोला गया बेस अस्पताल सीमांत के लोगों की कसौटी पर खरा नहीं उतर सका है। अब इसका संचालन मेडिकल कॉलेज के अधीन हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू होते ही बेस में भी ओपीडी और आईपीडी शुरू होगी। इसके बाद भी इसमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद कम ही है।
यहां तक कि मरीजों को बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए कि मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी विभाग में अब तक कोई फैकल्टी नहीं मिल सकी है। कई साक्षात्कार के बाद भी फैकल्टी के रूप में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करना मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के लिए चुनौती बना है। यदि बेस अस्पताल में अगले कुछ दिनों में ओपीडी और आईपीडी शुरू हुई तो यहां पहुंचे मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ी तो उन्हें इसके लिए एक किलोमीटर दूर जिला अस्पताल के चक्कर काटने होंगे। इन हालात में मरीजों के लिए बेस अस्पताल सिर्फ सफेद हाथी साबित होगा।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खुद मान रहा है कि तमाम प्रयास के बाद भी रेडियोलॉजी विभाग में फैकल्टी जुटाना मुश्किल हो रहा है। यदि बेस अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलीं तो ओपीडी बढ़ना मुश्किल होगा इसका सीधा असर जिला अस्पताल पर पड़ेगा। बेस अस्पताल के संचालन के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव कम करना चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए चुनौती साबित होगा।
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सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट जांचना भी चुनौती
बेस अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज जल्द बेस में एमआरआई की सुविधा भी शुरू करने वाला है। दोनों रिपोर्ट जांचने के लिए रेडियोलॉजिस्ट आवश्यक है। ऐसे में यदि बेस में मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा मिली भी तो उनकी रिपोर्ट जांचना मुश्किल होगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को बाहरी विशेषज्ञों का सहारा लेना पड़ेगा।
सर्जरी विभाग भी खाली
पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज में अब तक सर्जरी विभाग में फैकल्टी की तैनाती नहीं हो सकी है। कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल में आधुनिक ओटी अस्तित्व में लाई गई है। सर्जरी विभाग में विशेषज्ञों की तैनाती न होने से ऑपरेशन नहीं होंगे और आधुनिक ओटी भी शोपीस बनकर रह जाएगी। संवाद
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रेडियोलॉजी और सर्जरी विभाग में फैकल्टी की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में ही रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। फिलहाल जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का सहारा लिया जाएगा। फैकल्टी की तैनाती होने पर यह समस्या दूर हो जाएगी। -डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़
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यहां तक कि मरीजों को बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए कि मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी विभाग में अब तक कोई फैकल्टी नहीं मिल सकी है। कई साक्षात्कार के बाद भी फैकल्टी के रूप में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करना मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के लिए चुनौती बना है। यदि बेस अस्पताल में अगले कुछ दिनों में ओपीडी और आईपीडी शुरू हुई तो यहां पहुंचे मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ी तो उन्हें इसके लिए एक किलोमीटर दूर जिला अस्पताल के चक्कर काटने होंगे। इन हालात में मरीजों के लिए बेस अस्पताल सिर्फ सफेद हाथी साबित होगा।
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मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खुद मान रहा है कि तमाम प्रयास के बाद भी रेडियोलॉजी विभाग में फैकल्टी जुटाना मुश्किल हो रहा है। यदि बेस अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलीं तो ओपीडी बढ़ना मुश्किल होगा इसका सीधा असर जिला अस्पताल पर पड़ेगा। बेस अस्पताल के संचालन के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव कम करना चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए चुनौती साबित होगा।
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सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट जांचना भी चुनौती
बेस अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज जल्द बेस में एमआरआई की सुविधा भी शुरू करने वाला है। दोनों रिपोर्ट जांचने के लिए रेडियोलॉजिस्ट आवश्यक है। ऐसे में यदि बेस में मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा मिली भी तो उनकी रिपोर्ट जांचना मुश्किल होगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को बाहरी विशेषज्ञों का सहारा लेना पड़ेगा।
सर्जरी विभाग भी खाली
पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज में अब तक सर्जरी विभाग में फैकल्टी की तैनाती नहीं हो सकी है। कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल में आधुनिक ओटी अस्तित्व में लाई गई है। सर्जरी विभाग में विशेषज्ञों की तैनाती न होने से ऑपरेशन नहीं होंगे और आधुनिक ओटी भी शोपीस बनकर रह जाएगी। संवाद
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रेडियोलॉजी और सर्जरी विभाग में फैकल्टी की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में ही रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। फिलहाल जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का सहारा लिया जाएगा। फैकल्टी की तैनाती होने पर यह समस्या दूर हो जाएगी। -डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़