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कैलास यात्रा के प्रथम दल में जाएंगे 55 यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Jun 2016 10:38 PM IST
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कैलास यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले प्रथम दल में आठ महिलाओं और 47 पुरुष शामिल होंगे। शनिवार को मेडिकल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 55 यात्री यात्रा के लिए फिट पाए गए, जबकि मेडिकल टेस्ट के लिए कुल 60 लोग दिल्ली पहुंचे थे। मेडिकल फिट यात्रियों ने निर्धारित राशि जमा करा दी है। यात्रा रविवार को दिल्ली से शुरू होगी। यात्री दिल्ली से चलकर अपरान्ह करीब एक बजे काठगोदाम पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम अल्मोड़ा में करेंगे। 13 जून को यात्री अल्मोड़ा से चलकर आधार शिविर धारचूला पहुंचेंगे।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि प्रथम दल में दिल्ली के 10, गुजरात के 9, हरियाणा के 2, कर्नाटक के 2, केरल के 2, मध्यप्रदेश के 5, महाराष्ट्र के 5, राजस्थान के 10, तमिलनाडु का 1, उत्तरप्रदेश के 6, उत्तराखंड के 2 और बिहार का 1 यात्री शामिल है। यात्रियों की सूची उन्हें मिल गई है। कैलास मानसरोवर यात्रा 2016 का अब विधिवत शुभारंभ हो गया है। प्रथम बैच के सभी यात्री दिल्ली में एकत्र हो गए हैं। रविवार सुबह केएमवीएन के वाहनों से उनको काठगोदाम तक लाया जाएगा।
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मर्तोलिया ने बताया कि कैलास यात्रियों का दल अल्मोड़ा से सेराघाट, बेड़ीनाग होते हुए दोपहर भोजन के लिए डीडीहाट जाएगा। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में कुछ देर रुकने के बाद यात्री ओगला, अस्कोट, जौलजीबी होते हुए 13 जून की शाम को धारचूला पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर दल के लिए कोआर्डिनेटर तय कर दिए गए हैं। हर यात्री का ब्योरा निगम ने अपने पास रख लिया है।
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मिर्थी में रखी जाएंगी पाल राजवंश की प्राचीन वस्तुएं
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। अस्कोट के पाल राजवंश के वर्तमान वारिस भानुराज पाल 13 जून को आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में यात्रियों को दिखाने के लिए राजवंश की प्राचीन वस्तुओं को रखेंगे। वह हर साल इन वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाते आए हैं। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि गुंजी स्थित मानसरोवर वन में इस बार भी पौधरोपण होगा। मानसरोवर वन की स्थापना दिवंगत वृक्षमित्र कुंवर दामोदर राठौर ने की थी। इस बार उनकी स्मृति में भी पौधे रोपे जाएंगे।
45 अतिरिक्त मजदूर रास्ते में तैनात
अस्कोट (पिथौरागढ़)। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी पंत ने बताया कि कैलास मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर नियमित मजदूरों के अलावा 45 अस्थायी मजदूर तैनात कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा मार्ग दुरुस्त है, जहां पर रास्ता संकरा है वहां पर पहले ही रेलिंग लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि नाभीढांग में रास्ते में हल्की बर्फ मिली थी उसे हटा दिया गया है। जूनियर इंजीनियर उमेश लाल साह को रास्ते की स्थिति देखने के लिए तैनात कर दिया गया है।