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Pithoragarh News: स्मैक तस्करी के आरोपी को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी किया
Sat, 16 Dec 2023 10:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 16 Dec 2023 10:31 PM IST
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चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश ने स्मैक तस्करी के एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। मामले में सात गवाह पेश करने के बाद भी कोर्ट में पुलिस संबंधित के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। मामला जनवरी 2018 का है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी भजनपुर निवासी त्रिभुवन भट्ट से 5.02 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। मामले में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। गवाह और साक्ष्यों को ध्यान में रखकर विशेष सत्र न्यायाधीश कहकशा खान ने फैसले में कहा कि पुलिस ने बरामद स्मैक को 5.02 ग्राम बताया है। न्यायालय में दो तराजू में तौलने पर ही बरामद मात्रा में 0.02 ग्राम का अंतर मिला। एनडीपीएस एक्ट में 5.0 ग्राम तक की मात्रा मामूली श्रेणी में आती है। 250 ग्राम तक को मध्यम मात्रा माना गया है। तर्क दिया कि महज 0.02 ग्राम मात्रा से ही मामला 10 वर्ष तक की कठोर कारावास की श्रेणी में नहीं आ जाता है। पांच ग्राम तक की मात्रा में अधिकतम एक वर्ष कारावास का प्रावधान है। उन्होंने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एससी गड़कोटी और अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी भजनपुर निवासी त्रिभुवन भट्ट से 5.02 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। मामले में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। गवाह और साक्ष्यों को ध्यान में रखकर विशेष सत्र न्यायाधीश कहकशा खान ने फैसले में कहा कि पुलिस ने बरामद स्मैक को 5.02 ग्राम बताया है। न्यायालय में दो तराजू में तौलने पर ही बरामद मात्रा में 0.02 ग्राम का अंतर मिला। एनडीपीएस एक्ट में 5.0 ग्राम तक की मात्रा मामूली श्रेणी में आती है। 250 ग्राम तक को मध्यम मात्रा माना गया है। तर्क दिया कि महज 0.02 ग्राम मात्रा से ही मामला 10 वर्ष तक की कठोर कारावास की श्रेणी में नहीं आ जाता है। पांच ग्राम तक की मात्रा में अधिकतम एक वर्ष कारावास का प्रावधान है। उन्होंने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एससी गड़कोटी और अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।
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