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Pithoragarh News: बारिश से दारमा और व्यास घाटी में बढ़ी ठिठुरन
Tue, 06 May 2025 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 06 May 2025 10:40 PM IST
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अस्कोट में ओलावृष्टि से बर्बाद मूली की फसल। संवाद
धारचूला/अस्कोट/नाचनी/बंगापानी। सीमांत जिले में बारिश और ओलावृष्टि थमने का नाम नहीं ले रही है। दारमा और व्यास घाटी में बारिश होने से आदि कैलाश दर्शन के लिए गए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीते दिनों हुई बर्फबारी और अब बारिश के बाद ठंड काफी बढ़ गई है। वहीं अस्कोट में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा तो बंगापानी और नाचनी में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
सीमांत जिले में मौसम की बेरुखी किसानों और आदि कैलाश यात्रियों पर भारी पड़ रही है। बीते सोमवार को दारमा और व्यास घाटी में बर्फबारी हुई। यहां का तापमान माइनस एक से दो डिग्री पहुंचने से आदि कैलाश यात्रियों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। वहीं मंगलवार को फिर से दोनों घाटियों में बारिश हुई। ऐसे में यात्रियों को भीगते हुए आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करने पड़े।
इधर अस्कोट में दोपहर बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने से फसल और बागवानी को खासा नुकसान पहुंचा जिससे किसान निराश हैं। बंगापानी और नाचनी में भी गर्जना के साथ तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। नदी-नाले भी उफान पर आ गए जिससे लोगों में दहशत रही। एक घंटे बाद बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली।
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ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग
बीते दिनों अस्कोट, कनालीछीना, पलेटा, सतगढ़, बेड़ीनाग सहित जिले के अन्य हिस्सों में भारी ओलावृष्टि से फसल और बागवानी से खासा नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसान परेशान हैं। किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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सीमांत जिले में मौसम की बेरुखी किसानों और आदि कैलाश यात्रियों पर भारी पड़ रही है। बीते सोमवार को दारमा और व्यास घाटी में बर्फबारी हुई। यहां का तापमान माइनस एक से दो डिग्री पहुंचने से आदि कैलाश यात्रियों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। वहीं मंगलवार को फिर से दोनों घाटियों में बारिश हुई। ऐसे में यात्रियों को भीगते हुए आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करने पड़े।
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इधर अस्कोट में दोपहर बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने से फसल और बागवानी को खासा नुकसान पहुंचा जिससे किसान निराश हैं। बंगापानी और नाचनी में भी गर्जना के साथ तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। नदी-नाले भी उफान पर आ गए जिससे लोगों में दहशत रही। एक घंटे बाद बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली।
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ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग
बीते दिनों अस्कोट, कनालीछीना, पलेटा, सतगढ़, बेड़ीनाग सहित जिले के अन्य हिस्सों में भारी ओलावृष्टि से फसल और बागवानी से खासा नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसान परेशान हैं। किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।