{"_id":"6417501724bcb317f60db50a","slug":"ten-village-honey-hub-pithoragarh-news-c-8-1-86784-2023-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: दस गांवों को शहद का हब बनाने के लिए 21 लाख रुपये मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: दस गांवों को शहद का हब बनाने के लिए 21 लाख रुपये मंजूर
Sun, 19 Mar 2023 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 19 Mar 2023 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मुनस्यारी को शहद का हब बनाने की जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया की मुहिम रंग लाने लगी है। मुख्यमंत्री बीएडीपी योजना के अंतर्गत इसके लिए 21 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हो गई है। इस साल दस गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य मर्तोलिया ने बताया कि जिप वार्ड की 25 ग्राम पंचायतों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है। पहले चरण में ग्राम पंचायत धापा, तल्ला दुम्मर, दरकोट, दरांती, खसियाबाड़ा, सेरा सुराईधार, पापड़ी, जैंती, बर्नियागांव को शामिल किया गया हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण में राज्य सरकार के उपक्रम उत्तराखंड कौशल विकास मिशन देहरादून की ओर से दरांती में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है। इस केंद्र में प्रशिक्षित प्रतिभागियों को दस प्रतिशत अंशदान पर कालोनी मधुमक्खी बाक्स दिया जाएगा। इसके लिए एक अप्रैल से प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में इंडिका प्रजाति की मधुमक्खी का पालन किया जाता है। स्थानीय बाजार में शहद 800 रुपये किलो खरीदा जा रहा है। मर्तोलिया का कहना है कि शहद उत्पादन से आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य होगा। शहद विशेषज्ञ हरीश जोशी ने बताया कि मुनस्यारी में फूलों की पैदावार अच्छी होने पर एक आठ कालोनी वाले बाक्स से प्रतिमाह दो किलो शहद प्राप्त किया जा सकता है।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य मर्तोलिया ने बताया कि जिप वार्ड की 25 ग्राम पंचायतों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है। पहले चरण में ग्राम पंचायत धापा, तल्ला दुम्मर, दरकोट, दरांती, खसियाबाड़ा, सेरा सुराईधार, पापड़ी, जैंती, बर्नियागांव को शामिल किया गया हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण में राज्य सरकार के उपक्रम उत्तराखंड कौशल विकास मिशन देहरादून की ओर से दरांती में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है। इस केंद्र में प्रशिक्षित प्रतिभागियों को दस प्रतिशत अंशदान पर कालोनी मधुमक्खी बाक्स दिया जाएगा। इसके लिए एक अप्रैल से प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में इंडिका प्रजाति की मधुमक्खी का पालन किया जाता है। स्थानीय बाजार में शहद 800 रुपये किलो खरीदा जा रहा है। मर्तोलिया का कहना है कि शहद उत्पादन से आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य होगा। शहद विशेषज्ञ हरीश जोशी ने बताया कि मुनस्यारी में फूलों की पैदावार अच्छी होने पर एक आठ कालोनी वाले बाक्स से प्रतिमाह दो किलो शहद प्राप्त किया जा सकता है।
विज्ञापन