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तेजम तहसील का तीन साल बाद भी नहीं मिल रहा लोगों को लाभ,
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तेजम स्थित तहसील भवन।
- फोटो : PITHORAGARH
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कांग्रेस के शासनकाल में खुली तेजम तहसील का तीन साल बीतने के बाद भी लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। तहसील में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी तो छोड़ो, तहसील कार्यालय का ताला खोलने के लिए एक अदद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक नहीं है। तहसील कार्यालय के संचालन को लेकर अब क्षेत्र के लोग लामबंद होने लगे हैं। शौका सेवा समिति ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।
वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तेजम तहसील का उद्घाटन किया था। तेजम के पटवारी चौकी में तेजम का तहसील कार्यालय स्थापित किया गया। कुछ दिन तहसील का संचालन हुआ लेकिन उसके बाद तहसील कार्यालय एक चपरासी के हवाले कर दिया। बाद में चपरासी भी हटा दिया गया। क्षेत्र की 40 हजार आबादी को तहसील खुलने से उम्मीदें जागी थीं। लोगों को लगता था कि अब उन्हें तहसील के कामों के लिए मुनस्यारी नहीं जाना पड़ेगा लेकिन सरकार की उदासीनता से तेजम तहसील सफेद हाथी बनकर रह गया है। पटवारी कार्यालय में लगा तहसील कार्यालय का बोर्ड लोगों को चिढ़ा रहा है। तहसील के कामों के लिए लोगों को 30 किमी दूर मुनस्यारी जाना पड़ता है।
शौका सेवा समिति के अध्यक्ष राम सिंह रावत का कहना है कि समिति तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के लिए लोगों को लामबंद कर रही है। इसके लिए क्षेत्रवार बैठकें की जाएंगी। तहसील के कामकाज शुरू करने तक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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तहसील का संचालन न होने के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार
नाचनी। विधायक हरीश धामी ने तेजम तहसील का संचालन न होने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार कांग्रेस के शासनकाल में खुली तहसील के संचालन में रुचि नहीं दिखा रही है। कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ 3 अक्तूबर से जिला मुख्यालय में होने वाले आमरण अनशन में तेजम तहसील का मुद्दा भी शामिल रहेगा। तेजम की तहसील का संचालन कराकर ही दम लेंगे।
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वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तेजम तहसील का उद्घाटन किया था। तेजम के पटवारी चौकी में तेजम का तहसील कार्यालय स्थापित किया गया। कुछ दिन तहसील का संचालन हुआ लेकिन उसके बाद तहसील कार्यालय एक चपरासी के हवाले कर दिया। बाद में चपरासी भी हटा दिया गया। क्षेत्र की 40 हजार आबादी को तहसील खुलने से उम्मीदें जागी थीं। लोगों को लगता था कि अब उन्हें तहसील के कामों के लिए मुनस्यारी नहीं जाना पड़ेगा लेकिन सरकार की उदासीनता से तेजम तहसील सफेद हाथी बनकर रह गया है। पटवारी कार्यालय में लगा तहसील कार्यालय का बोर्ड लोगों को चिढ़ा रहा है। तहसील के कामों के लिए लोगों को 30 किमी दूर मुनस्यारी जाना पड़ता है।
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शौका सेवा समिति के अध्यक्ष राम सिंह रावत का कहना है कि समिति तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के लिए लोगों को लामबंद कर रही है। इसके लिए क्षेत्रवार बैठकें की जाएंगी। तहसील के कामकाज शुरू करने तक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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तहसील का संचालन न होने के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार
नाचनी। विधायक हरीश धामी ने तेजम तहसील का संचालन न होने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार कांग्रेस के शासनकाल में खुली तहसील के संचालन में रुचि नहीं दिखा रही है। कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के खिलाफ 3 अक्तूबर से जिला मुख्यालय में होने वाले आमरण अनशन में तेजम तहसील का मुद्दा भी शामिल रहेगा। तेजम की तहसील का संचालन कराकर ही दम लेंगे।