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तेज हवाओं ने रोकी पायलटों की उड़ान
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:33 PM IST
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तेज हवाओं ने रोकी पायलटों की उड़ान
- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के आयोजकों और देखने के लिए पहुंचे दर्शकों को शुक्रवार को निराशा हाथ लगी। तेज हवा और उसका प्रवाह उत्तर की होने के कारण कोई भी पायलट उड़ान नहीं भर पाया। एक पायलट ने उड़ान भरने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण उनका ग्लाइडर उलझने लगा। प्रतियोगिता में भाग ले रहे 60 पायलट शुक्रवार सुबह दस बजे टेकआफ साइट कनारीपाभें में एकत्र हो गए थे। शुक्रवार के लिए टेक्निकल टीम ने 50 किलोमीटर का रन तय कर रखा था। रात में बारिश होने और दिनभर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में घने बादल छाए रहने के कारण हवा बेहद स्ट्रांग थी। जब मौसम किसी भी स्थिति में उड़ान के अनुकूल नहीं मिला तो आयोजकों ने उड़ान और टास्क रद्द करने का फैसला ले लिया। नैनीसैनी हवाईपट्टी स्थित लैंडिंग स्थल पर शुक्रवार को भी सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह और सदस्य राकेश देवलाल ने बताया कि हवा का रुख उत्तर की ओर अधिक था। इस कारण पायलटों को अनुकूल दिशा मिल पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में किसी प्रकार का रिस्क लेना ठीक नहीं था। नैनीसैनी हवाईपट्टी में मौजूद कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने सारी स्थिति को देखने के बाद कहा कि विपरीत हवा में पैराग्लाइडिंग से उड़ानें संभव नहीं थी। एक्सपर्ट शंकर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का समापन शनिवार को होगा। पर्यटन मंत्री दिनेश धनै समापन पर मौजूद रहेंगे। समापन से पूर्व फ्री फ्लाइंग कराई जा सकती है। यह तभी संभव होगा जब मौसम और हवा का रुख अनुकूल हो।
रिजल्ट के लायक टास्क हो चुके
उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह का कहना है कि 14 मार्च से शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान बृहस्पतिवार तक इतने टास्क हो चुके हैं कि रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल टीम शनिवार को समापन से पहले खुद ही यह करेगी कि अब टास्क कराना चाहिए या नहीं। वैसे तो रिजल्ट के लायक टास्क हो चुके हैं। अब तक के परफार्मेंस के हिसाब से रिजल्ट घोषित किया जा सकता है।
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उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह और सदस्य राकेश देवलाल ने बताया कि हवा का रुख उत्तर की ओर अधिक था। इस कारण पायलटों को अनुकूल दिशा मिल पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में किसी प्रकार का रिस्क लेना ठीक नहीं था। नैनीसैनी हवाईपट्टी में मौजूद कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने सारी स्थिति को देखने के बाद कहा कि विपरीत हवा में पैराग्लाइडिंग से उड़ानें संभव नहीं थी। एक्सपर्ट शंकर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का समापन शनिवार को होगा। पर्यटन मंत्री दिनेश धनै समापन पर मौजूद रहेंगे। समापन से पूर्व फ्री फ्लाइंग कराई जा सकती है। यह तभी संभव होगा जब मौसम और हवा का रुख अनुकूल हो।
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रिजल्ट के लायक टास्क हो चुके
उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह का कहना है कि 14 मार्च से शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान बृहस्पतिवार तक इतने टास्क हो चुके हैं कि रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल टीम शनिवार को समापन से पहले खुद ही यह करेगी कि अब टास्क कराना चाहिए या नहीं। वैसे तो रिजल्ट के लायक टास्क हो चुके हैं। अब तक के परफार्मेंस के हिसाब से रिजल्ट घोषित किया जा सकता है।
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