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Pithoragarh News: एसएसबी ने नेपाली किशोरी को गलत हाथों में पड़ने से बचाया
Tue, 06 Oct 2026 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:56 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी कर्मियों ने चेकिंग के दौरान एक नेपाली किशोरी को सकुशल परिजनों के सुपुर्द करने के लिए नेपाल पुलिस और संस्था के सौंप दिया। एसएसबी और नेपाल पुलिस को मामला मानव तस्करी का लगने पर किशोरी को नेपाली संस्था पीआरसी के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के मुताबिक एसएसबी 57 वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट जसवीर सिंह के निर्देश पर एसएसबी बनबसा के एएसआई अच्युत चेल्लेंग, एचसी ललित मोहन बिष्ट, महिला कां. सोनम मंगलवार के दिन भारत नेपाल सीमा पर भारतीय क्षेत्र में निगरानी ड्यूटी पर थे। इसी बीच नेपाल से एक महिला के साथ आ रही एक किशोरी को रोक पूछताछ की। पहचान पत्र मांगने पर नेपाली किशोरी ने नेपाल का नागरिकता पत्र और महिला ने भारतीय पहचान पत्र दिखाया। संदेह होने पर एसएसबी कर्मियों ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की।
महिला ने अपने को नेपाल निवासी बता वर्तमान में राजस्थान में एक शोरूम में काम करना बताया जबकि नेपाली किशोरी ने महिला को अपनी बड़ी मम्मी बता उपचार के लिए भारत ले जाना बताया। परस्पर विरोधी बयान होने से एसएसबी कर्मियों को मामला मानव तस्करी का लगा। उन्होंने नेपाल पुलिस और पीआरसी संस्था को बुला लिया। पूछताछ में मामला संदिग्ध लगने पर पीआरसी काउंसलर ममता सिंह, नेपाली पुलिस कां. गौरव और सुरेश उन्हें अपने साथ ले गए। एसएसबी की सतर्कता से एक किशोरी गलत हाथों में पड़ने से बचा ली गई।
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जानकारी के मुताबिक एसएसबी 57 वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट जसवीर सिंह के निर्देश पर एसएसबी बनबसा के एएसआई अच्युत चेल्लेंग, एचसी ललित मोहन बिष्ट, महिला कां. सोनम मंगलवार के दिन भारत नेपाल सीमा पर भारतीय क्षेत्र में निगरानी ड्यूटी पर थे। इसी बीच नेपाल से एक महिला के साथ आ रही एक किशोरी को रोक पूछताछ की। पहचान पत्र मांगने पर नेपाली किशोरी ने नेपाल का नागरिकता पत्र और महिला ने भारतीय पहचान पत्र दिखाया। संदेह होने पर एसएसबी कर्मियों ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की।
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महिला ने अपने को नेपाल निवासी बता वर्तमान में राजस्थान में एक शोरूम में काम करना बताया जबकि नेपाली किशोरी ने महिला को अपनी बड़ी मम्मी बता उपचार के लिए भारत ले जाना बताया। परस्पर विरोधी बयान होने से एसएसबी कर्मियों को मामला मानव तस्करी का लगा। उन्होंने नेपाल पुलिस और पीआरसी संस्था को बुला लिया। पूछताछ में मामला संदिग्ध लगने पर पीआरसी काउंसलर ममता सिंह, नेपाली पुलिस कां. गौरव और सुरेश उन्हें अपने साथ ले गए। एसएसबी की सतर्कता से एक किशोरी गलत हाथों में पड़ने से बचा ली गई।
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