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एसएसए शिक्षकों को चार महीने से नहीं मिला वेतन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 01 Dec 2015 05:24 PM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी जताते हुए तत्काल वेतन देने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के मुनस्यारी ब्लाक अध्यक्ष राजीव जोशी ने शिक्षकों को अगस्त माह से वेतन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया शिक्षक और शिक्षा के प्रति गलत है। यह शिक्षा, शिक्षक और जनता के प्रति जनविरोधी प्रदर्शित होता है। उन्होंने आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 9 दिसंबर तक नियमित वेतन की व्यवस्था नहीं की गई तो 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस पर सभी एसएसए शिक्षक नाचनी में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने चाय का स्टॉल लगाकर अपना विरोध प्रकट करेंगे। संघ के उपाध्यक्ष चंदन भैंसोड़ा ने कहा कि विभाग, सरकार का वेतन के लिए तरसाना ठीक नहीं है, शिक्षक कर्ज में डूब चुके हैं। एसएसए शिक्षकों ने कहा कि वेतन हमारा अधिकार है, खैरात नहीं। हर महीने के पहले सप्ताह में वेतन भुगतान न करना श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन करना है। यहां शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, ऐसा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में रमेश जोशी, पुष्कर कार्की, पूरन भट्ट, गंगा पांगती, देवेंद्र बथियाल, हीरा चंद, खुशाल गोबाड़ी, विमला द्विवेदी, चंद्र सिंह बृजवाल आदि शिक्षक मौजूद थे। संचालन लक्ष्मण कठायत ने किया।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के मुनस्यारी ब्लाक अध्यक्ष राजीव जोशी ने शिक्षकों को अगस्त माह से वेतन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया शिक्षक और शिक्षा के प्रति गलत है। यह शिक्षा, शिक्षक और जनता के प्रति जनविरोधी प्रदर्शित होता है। उन्होंने आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 9 दिसंबर तक नियमित वेतन की व्यवस्था नहीं की गई तो 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस पर सभी एसएसए शिक्षक नाचनी में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने चाय का स्टॉल लगाकर अपना विरोध प्रकट करेंगे। संघ के उपाध्यक्ष चंदन भैंसोड़ा ने कहा कि विभाग, सरकार का वेतन के लिए तरसाना ठीक नहीं है, शिक्षक कर्ज में डूब चुके हैं। एसएसए शिक्षकों ने कहा कि वेतन हमारा अधिकार है, खैरात नहीं। हर महीने के पहले सप्ताह में वेतन भुगतान न करना श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन करना है। यहां शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, ऐसा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में रमेश जोशी, पुष्कर कार्की, पूरन भट्ट, गंगा पांगती, देवेंद्र बथियाल, हीरा चंद, खुशाल गोबाड़ी, विमला द्विवेदी, चंद्र सिंह बृजवाल आदि शिक्षक मौजूद थे। संचालन लक्ष्मण कठायत ने किया।
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