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Pithoragarh News: जुम्मा गांव में शुरू हुआ भू-कटाव, दहशत में ग्रामीण
Thu, 18 Jun 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:59 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। जुम्मा गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रहे भू-कटाव से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की मांग की है।
जुम्मा के ग्राम प्रधान दीपक सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम आशीष जोशी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले कुलागाड़ से एलागाड़ हाईवे पर हिलवेज कंपनी और ग्रिफ की ओर से चौड़ीकरण कार्य किया गया था। इस दौरान की गई ब्लास्टिंग से पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया और जमीन में दरारें पड़ने के साथ ही भू-धंसाव शुरू हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद एक बार फिर भू-कटाव तेज हो गया है। इससे कुला, रूढ़िला तोक समेत एसएसबी कैंप भी खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कुला तोक के 28 परिवार खतरे को देखते हुए अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से भू-कटाव रोकने के लिए जल्द आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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जुम्मा के ग्राम प्रधान दीपक सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम आशीष जोशी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले कुलागाड़ से एलागाड़ हाईवे पर हिलवेज कंपनी और ग्रिफ की ओर से चौड़ीकरण कार्य किया गया था। इस दौरान की गई ब्लास्टिंग से पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया और जमीन में दरारें पड़ने के साथ ही भू-धंसाव शुरू हो गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद एक बार फिर भू-कटाव तेज हो गया है। इससे कुला, रूढ़िला तोक समेत एसएसबी कैंप भी खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कुला तोक के 28 परिवार खतरे को देखते हुए अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से भू-कटाव रोकने के लिए जल्द आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।