फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Snowfall in vyas valley

Pithoragarh News: बर्फबारी और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ी, सब्जियों को नुकसान

Mon, 16 Oct 2023 10:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 16 Oct 2023 10:35 AM IST
विज्ञापन
Snowfall in vyas valley
धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण
धारचूला/मुनस्यारी/ पिथौरागढ़। धारचूला की व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी सहित जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में रविवार को बर्फबारी हुई। नवरात्र के पहले दिन हुई बर्फबारी का गांव में मौजूद लोगों ने खूब आनंद उठाया। इधर जिले के अस्कोट, कनालीछीना और थल में जमकर ओले गिरे। इससे सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। ऊंची चोटियाें पर हिमपात और निचले इलाकों में ओलावृष्टि से ठंड काफी बढ़ गई है।
विज्ञापन

समुद्र तल से 12,303 फुट पर बसे कुटी गांव में रविवार को हिमपात के साथ ही हल्की बारिश हुई। ग्रामीण बबीता कुटियाल सीपाल ने बताया कि इस समय वहां पर मौसम अच्छा है। शनिवार की रात से ही बादल घिरे हुए थे। रविवार को हिमपात हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने मौसम की पहली बर्फबारी का लुत्फ उठाया।
विज्ञापन

कुटी निवासी इंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को गांव में दो-तीन इंच जबकि ऊंचाई वाले स्थानों पर करीब छह इंच से अधिक बर्फबारी हुई है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर में ही बर्फबारी शुरू होने से गांव के लोगों को अंतिम सप्ताह से निचली घाटी की ओर लौटना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

व्यास घाटी के अन्य गांव और दारमा घाटी के 14 गांवों में भी मौसम खराब होने की सूचना मिली है। इधर पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय में शाम पांच बजे बाद आसमान एकाएक बादलों से घिर गया और हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे ठंड काफी बढ़ गई है। शाम के समय लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े।

मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर इस सीजन का चौथा हिमपात हुआ है। रविवार को पंचाचूली, हंसलिंग, छिपलाकेदार और नग्नीधूरा में बर्फबारी हुई। निचले इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बंगापानी में भी बारिश और ओले गिरे। इससे ठंड महसूस की गई। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।

ठंड बढ़ी, धारचूला आने की तैयारी में ग्रामीण
व्यास घाटी के सात गांवों बुंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाबि, रौंकांग और कुटी के लोग छह महीने के लिए अपने मूल गांवों में जाकर खेती और पशुपालन करते हैं। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह में जैसे ही बर्फबारी होती है सभी धारचूला लौट आते हैं।

सब्जी और फलों को पहुंचा नुकसान
अस्कोट। रविवार को तीन बजे तक मौसम सामान्य रहा। शाम करीब साढ़े तीन बजे अचानक मौसम बदला और आधे घंटे तक तेज ओलावृष्टि हुई। इस दौरान सड़क और खेत ओलों की सफेद चादर से पट गए। ओलावृष्टि से मिर्च, लहसुन, गोभी सहित अन्य सब्जियों और फलों को नुकसान पहुंचा है। कनालीछीना में भी ओलावृष्टि और बारिश हुई है। इन दिनों पहाड़ पर घास काटने का काम चल रहा है। रविवार को हुई बारिश से वनों में सुखाई गई घास भीगने से किसान परेशान हैं। उधर थल में भी बारिश के साथ ओले गिरे। नाचनी क्षेत्र में भी तेज गरज के साथ बारिश हुई। भटेड़ी में भी ओले गिरे। इससे प्याज की नर्सरी को नुकसान पहुंचा है।

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

धारचूला के कुटी गांव में हुई बर्फबारी। फोटो: सौजन्य ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed