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चंडाक से लेकर ऐंचोली तक बर्फ की चादर में लिपटी नजर आई सोर घाटी
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थल-मुनस्यारी रोड में फंसी जीप को निकालने का प्रयास करते चालक और यात्री। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में भारी बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ शहर के चंडाक से लेकर एंचोली तक बर्फ की चादर बिछी नजर आई। मोस्टामानू, टकाड़ी, थलकेदार, सोड़लेख, असुरचुला, ध्वज, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना तक सभी चोटियां बर्फ से लकदक दिखीं। बेड़ीनाग के चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर सहित गंगोलीहाट में भी भारी हिमपात हुआ। पर्यटकों ने भी बर्फबारी का आनंद उठाया।
बर्फ के चलते सुबह पिथौरागढ़-घाट एनएच सहित जिले की कई अन्य आंतरिक रूटों में भी आवागमन बाधित रहा। धारचूला की दारमा और व्यास घाटियों के सभी गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। बर्फबारी के दौरान लाइनों के फाल्ट आने से मुनस्यारी, धारचूला और डीडीहाट क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। भारी बर्फबारी के चलते थल-मुनस्यारी और पिथौरागढ़ घाट सड़क बंद हो गई। हालांकि पिथौरागढ़-घाट एनएच को शुक्रवार सुबह नौ बजे खोल लिया गया।
कहां कितनी बर्फबारी
मुनस्यारी - 01 फुट
नामिक - 01 फुट
कालामुनि - 02 फुट
दारमा घाटी - 02 फुट
व्यास घाटी - 02 फुट
पंचाचूली ग्लेशियर - 04 फुट
आदि कैलास - 04 फुट
ओम पर्वत - 04 फुट
कहां कितनी बारिश
धारचूला : 54 मिमी
पिथौरागढ़ :27 मिमी
बेड़ीनाग : 32 मिमी
डीडीहाट : 26.5 मिमी
गंगोलीहाट : 26 मिमी
नामिक में नलों में ही जमा पानी
नाचनी। नामिक गांव और आसपास के क्षेत्रों में पैदल रास्ते बर्फ से ढक गए हैं। इससे ग्रामीण गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। बर्फबारी से बिजली उत्पादन ठप हो गया है। तापमान शून्य से नीचे चले जाने से नलों में पानी जम गया है। पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। प्रधान तुलसी देवी ने बताया कि सेटेलाइट फोन से ही कुशल क्षेम पूछ रहे हैं।
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आज भी नहीं हो पाएगी आवाजाही
मुनस्यारी। मुनस्यारी में बृहस्पतिवार की रात जमकर हिमपात हुआ। प्रशासन ने जेसीबी लगाकर सड़क से बर्फ हटाई। भारी बर्फबारी के बाद कालामुनि में शनिवार तक भी वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बर्फ से लकदक
धारचूला। लगातार दो दिनों तक मौसम खराब रहने से धारचूला की दारमा और व्यास घाटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। दारमा घाटी के लोग इस समय प्रवास पर धारचूला आए हैं। व्यास घाटी के कुछ गांवों में लोग रह रहे हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बर्फ से ढक गया है। इन घाटियों में धूप खिलने के बाद ही जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद है।
बच्चों ने बनाई बर्फ की आकृतियां
पिथौरागढ़। बर्फबारी के बाद लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। शहर से लेकर गांवों में बच्चों ने बर्फबारी के बीच खूब मस्ती की। कई स्थानों पर बर्फ के पुतले बनाए। यह पुतले फेसबुक, ह्वट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया में भी लोगों के बीच खूब शेयर किए गए।
अखबार, गैस के वाहन भी नहीं पहुंच सके
पिथौरागढ़। बर्फबारी के कारण पिथौरागढ़-अल्मोड़ा-हल्द्वानी रूट बाधित रहा। इसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप रही। पिथौरागढ़ से लोहाघाट-चंपावत होते ही वाहन संचालित हुए लेकिन लोहाघाट और चंपावत में कई स्थानों पर हिमपात के कारण वाहन देरी से गंतव्य तक पहुंचे। अखबार भी समय से पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। अल्मोड़ा रूट बंद होने से रसोई गैस और डीजल पेट्रोल के वाहन भी नहीं आ सके।
अस्पतालों में भर्ती मरीज ठिठुरे
पिथौरागढ़। बारिश और बर्फबारी के बाद सुबह-शाम पिथौरागढ़ का तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में इस समय कम ही लोग जांच और उपचार के लिए अस्पतालों में जा रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी 50 रही। अस्पताल में भर्ती मरीजों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। रोगियों के लिए अस्पताल में हीटर की व्यवस्था नहीं है। हालांकि रोगियों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था की जा रही है।
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बर्फ के चलते सुबह पिथौरागढ़-घाट एनएच सहित जिले की कई अन्य आंतरिक रूटों में भी आवागमन बाधित रहा। धारचूला की दारमा और व्यास घाटियों के सभी गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। बर्फबारी के दौरान लाइनों के फाल्ट आने से मुनस्यारी, धारचूला और डीडीहाट क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। भारी बर्फबारी के चलते थल-मुनस्यारी और पिथौरागढ़ घाट सड़क बंद हो गई। हालांकि पिथौरागढ़-घाट एनएच को शुक्रवार सुबह नौ बजे खोल लिया गया।
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कहां कितनी बर्फबारी
मुनस्यारी - 01 फुट
नामिक - 01 फुट
कालामुनि - 02 फुट
दारमा घाटी - 02 फुट
व्यास घाटी - 02 फुट
पंचाचूली ग्लेशियर - 04 फुट
आदि कैलास - 04 फुट
ओम पर्वत - 04 फुट
कहां कितनी बारिश
धारचूला : 54 मिमी
पिथौरागढ़ :27 मिमी
बेड़ीनाग : 32 मिमी
डीडीहाट : 26.5 मिमी
गंगोलीहाट : 26 मिमी
नामिक में नलों में ही जमा पानी
नाचनी। नामिक गांव और आसपास के क्षेत्रों में पैदल रास्ते बर्फ से ढक गए हैं। इससे ग्रामीण गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। बर्फबारी से बिजली उत्पादन ठप हो गया है। तापमान शून्य से नीचे चले जाने से नलों में पानी जम गया है। पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। प्रधान तुलसी देवी ने बताया कि सेटेलाइट फोन से ही कुशल क्षेम पूछ रहे हैं।
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आज भी नहीं हो पाएगी आवाजाही
मुनस्यारी। मुनस्यारी में बृहस्पतिवार की रात जमकर हिमपात हुआ। प्रशासन ने जेसीबी लगाकर सड़क से बर्फ हटाई। भारी बर्फबारी के बाद कालामुनि में शनिवार तक भी वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बर्फ से लकदक
धारचूला। लगातार दो दिनों तक मौसम खराब रहने से धारचूला की दारमा और व्यास घाटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। दारमा घाटी के लोग इस समय प्रवास पर धारचूला आए हैं। व्यास घाटी के कुछ गांवों में लोग रह रहे हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बर्फ से ढक गया है। इन घाटियों में धूप खिलने के बाद ही जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद है।
बच्चों ने बनाई बर्फ की आकृतियां
पिथौरागढ़। बर्फबारी के बाद लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। शहर से लेकर गांवों में बच्चों ने बर्फबारी के बीच खूब मस्ती की। कई स्थानों पर बर्फ के पुतले बनाए। यह पुतले फेसबुक, ह्वट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया में भी लोगों के बीच खूब शेयर किए गए।
अखबार, गैस के वाहन भी नहीं पहुंच सके
पिथौरागढ़। बर्फबारी के कारण पिथौरागढ़-अल्मोड़ा-हल्द्वानी रूट बाधित रहा। इसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप रही। पिथौरागढ़ से लोहाघाट-चंपावत होते ही वाहन संचालित हुए लेकिन लोहाघाट और चंपावत में कई स्थानों पर हिमपात के कारण वाहन देरी से गंतव्य तक पहुंचे। अखबार भी समय से पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। अल्मोड़ा रूट बंद होने से रसोई गैस और डीजल पेट्रोल के वाहन भी नहीं आ सके।
अस्पतालों में भर्ती मरीज ठिठुरे
पिथौरागढ़। बारिश और बर्फबारी के बाद सुबह-शाम पिथौरागढ़ का तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में इस समय कम ही लोग जांच और उपचार के लिए अस्पतालों में जा रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी 50 रही। अस्पताल में भर्ती मरीजों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। रोगियों के लिए अस्पताल में हीटर की व्यवस्था नहीं है। हालांकि रोगियों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था की जा रही है।