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कोहरा हटा तो नजर आईं बर्फ से लकदक चोटियां

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2021 10:47 PM IST
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Snow peaks were seen when fog was removed
बर्फ से ढका चीन सीमा से लगा भारत का अंतिम गांव कुटी। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/धारचूला/मुनस्यारी। पिथौरागढ़ जिले की मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर रविवार को जमकर बर्फबारी हुई। सोमवार को जब कोहरा छंटा तो सभी पहाड़ियां बर्फ से लकदक नजर आईं। मुनस्यारी में पर्यटकों ने बर्फबारी का खूब आनंद लिया। पिथौरागढ़ में 16 मिमी बारिश जबकि मुनस्यारी में 18 मिमी बारिश हुई। अन्य तहसीलों में भी 4.5 मिमी से अधिक बारिश हुई है।
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रविवार को निचले इलाकों में बारिश और ऊंची चोटियों पर जमकर हिमपात हुआ। सोमवार सुबह आसमान बादलों से घिरा रहा। घाटियों से उठने वाले कोहरे के कारण बर्फ से लकदक चोटियां काफी देर बाद नजर आईं। मुनस्यारी पहुंचे पर्यटकों ने मौसम का जमकर लुत्फ उठाया। मुनस्यारी का अधिकतम छह डिग्री और न्यूनतम शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। धारचूला के उच्च हिमालयी गांवों में 20 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है, जबकि ऊंची चोटियों में तीन से पांच फुट तक हिमपात हुआ है। रविवार की बर्फबारी से छियालेख से लिपुलेख तक सड़क बर्फ से ढक गई। सोमवार को थोड़ा मौसम साफ होने पर बीआरओ ने सड़क से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया। इस बारिश को फसलों और सब्जियों के साथ ही फलों के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
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व्यास घाटी में इस बार चहल-पहल
धारचूला। लिपुलेख तक सड़क जुड़ जाने से इस बार व्यास घाटी के गांवों में शीतकाल में भी चहल-पहल बनी हुई है। बीआरओ अभी भी सड़क चौड़ीकरण के काम में जुटा हुआ है। इसके लिए बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर भी यहां पर तैनात हैं। व्यास घाटी के कुटी गांव छोड़कर बुंदी, गर्ब्यांग, नपलचु, गुंजी, नाबी और रोंकांग गांवों में इस वर्ष काफी चहल-पहल दिख रही है। 67 आरसीसी बीआरओ बर्फबारी में भी बुंदी से लेकर कालापानी तक सुरक्षा दीवार बनाने और सुधारीकरण का कार्य कर रही है। बुंदी में लगभग 100 और गुंजी में लगभग 60 स्थानीय मजदूर सड़क निर्माण के कार्य में लगे हैं।
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रोंकांग की प्रधान अंजू रौंकली ने बताया कि सड़क से जुड़ने के बाद अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष व्यास घाटी में काफी चहल-पहल है। पलायन के बाद भी गांव के लोग पूजा पाठ और अन्य छोटे बड़े कार्य के लिए एक महीने में दो से तीन बार गांव जा पा रहे हैं। सभासद प्रेमावती कुटियाल ने बताया कि चीन सीमा के अंतिम गांव कुटी में हर साल पांच फुट से ज्यादा बर्फ पड़ती रहती है। इसलिए गांव में कोई नहीं रहता है। रविवार को कुटी, ज्योलिंकांग और लिंपियाधुरा सीमा में चार फुट से अधिक बर्फबारी हुई है।

बर्फबारी के बाद सोमवार को इस तरह नजर आई धारचूला की दारमा घाटी। संवाद

बर्फबारी के बाद सोमवार को इस तरह नजर आई धारचूला की दारमा घाटी। संवाद- फोटो : PITHORAGARH

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