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नाचनी में पीने के पानी के लिए हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:02 PM IST
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नाचनी में हैंडपंप से पानी भरते लोग
- फोटो : अमर उजाला
रामगंगा और भुजगड़ नदियों से घिरे नाचनी की दो हजार आबादी नदियों और हैंडपंपों से पानी पीने के लिए मजबूर हो गई है। बरसात में क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत न होने के कारण नाचनी में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
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जून से सितंबर तक रातीगाड़ और हरड़िया में हुए भूस्खलन से बोरागांव-नाचनी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना के सौ से अधिक पाइप टूट गए। जल संस्थान ने अस्थायी व्यवस्था कर योजना में पानी चलाया है। कई स्थानों पर प्लास्टिक के पाइप लगाए गए हैं। अस्थायी व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई है। लाइन क्षतिग्रस्त होने से नाचनी में तीसरे-चौथे दिन पानी मिल रहा है।
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लोग रामगंगा, भुजगड़ के साथ ही हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। एक किमी के दायरे में फैले नाचनी कस्बे में 5 हैंडपंप लगे हैं। इन हैंडपंपों पर लोगों की दिनभर भीड़ लगी रहती है। नाचनी खेलकूद एवं सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष हरीश बथियाल ने कहा कि नाचनी के लोग छह माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं, विभाग बजट न मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है।
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आपदा मद में प्रस्ताव भेजा गया था। बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही पेयजल योजना की मरम्मत कर दी जाएगी। तब तक अस्थायी व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा। -एसएस रावत, सहायक अभियंता जल संस्थान