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मांसाहार छोड़ें, शाकाहार अपनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:39 PM IST
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मांस निषेध दिवस पर शपथ लेते सोरवैली स्कूल के बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व मांस रहित दिवस पर शनिवार को सोरवैली स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि मांसाहार करने वालों को उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, कोलस्ट्रोल, अल्सर जैसी बीमारियों का खतरा हो जाता है। उन्होंने मांसाहार छोड़ने और शाकाहार अपनाने की अपील की। डॉ. तारा सिंह ने कहा कि तंबाकू की तरह ही मांस भी घातक है। उन्होंने कहा कि विश्व मांस रहित दिवस पर यदि लोग मांस न खाने का संकल्प लें तो इसका समाज पर बड़ा असर पड़ेगा।
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डॉ. तारा सिंह ने महान वैज्ञानिक आइस्टीन की वह बात विद्यार्थियों को सुनाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि विश्व शाकाहार अपना ले तो यह मानव जाति का भाग्य बदल देगा। वैज्ञानिक न्यूटन, साहित्यकार बर्नाड शॉ, पाइथागोरस, लियो टालस्टॉय आदि महापुरुष शाकाहारी थे। देवी-देवताओं के वाहन पशु-पक्षी ही थे। प्रधानाचार्य लीला जोशी ने कहा कि दालों और सब्जियों में मांस से ज्यादा प्रोटीन होता है।
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विद्यार्थी अपूर्वा बोहरा, दीपांशु जोशी, अदिति पांडे, प्रियांशु थापा, निहारिका ज्याला, दक्ष, शाश्वत जोशी, ईशा महर, अवंतिका सैलानी, हर्ष दिव्य, काव्यांशी, देवांग तिवारी, भूमि पाठक, मयंक पांडे, प्रियांजलि आदि ने मांसाहार छोड़ने और इसके लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। शिक्षक ललित पाटनी, दीपक बिष्ट, सरिता दिगारी आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
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