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संदेशा ए पवन सुत तू सिया प्यारी से कह देना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 11:12 PM IST
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siya pyaaree se kah dena
झूलाघाट की रामलीला में लक्ष्मण को रिझाती सूर्पणखा। - फोटो : PITHORAGARH
सीमांत जिले में कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग रात में रामलीला मंचन का आनंद उठा रहे हैं।
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डीडीहाट में मंचन के सातवें दिन राम-लक्ष्मण सीता की खोज में शबरी आश्रम पहुंचे। शबरी ने मीठे बेर खिलाकर दोनों भाइयों को सुग्रीव के पास भेजा। सुग्रीव का राम के साथ मित्रता, सुग्रीव का बाली को युद्ध के लिए ललकारना, बाली-सुग्रीव का भीषण युद्ध, राम का बाली को मारना, हनुमान का समुद्र पार करके लंका पहुंचना, हनुमान का अशोक वाटिका को उजाड़ना, अक्षय कुमार का हनुमान के साथ युद्ध अक्षय कुमार का मारा जाना, मेघनाथ का हनुमान को बंदी बनाकर लाना, हनुमान की पूंछ में आग लगाना, हनुमान का लंका दहन, विभीषण का रावण को समझाना रावण का क्रोध में आकर विभीषण को लात मारकर लंका से निकालना और विभीषण का रामदल में मिल जाने की लीला का मंचन किया गया।
मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस के बंशीधर भट्ट व रामलीला कमेटी हाट की पदाधिकारी मौजूद रहे। झूलाघाट में सातवें दिन की रामलीला में सूर्पणखा ने राम और लक्ष्मण को अपने रूप की सुंदरता का बखान करते हुए रिझाकर शादी का प्रस्ताव रखा। राम द्वारा प्रस्ताव ठुकराने पर सूर्पणखा जानकी पर झपटने को आतुर होती है। इसी बीच लक्ष्मण सूर्पणखा के नाक-कान काट देते हैं। सूर्पणखा के कोलाहल को सुनकर खर-दूषण सेना सहित वहां आकर राम को युद्ध के लिए ललकारते हैं। युद्ध में खर दूषण मारे जाते हैं। यह समाचार रावण तक पहुंचते ही वह इसका बदला लेने के लिए सीता के अपहरण की योजना बनाता है। लीला देखने लिए गेठीगाड़ा, कानड़ी बल्तड़ी, गौरीहाट से सैकड़ों लोग पहुंचे थे। खर आलोक शर्मा, दूषण संजू पंगरिया बने।
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इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया, महामंत्री जेपी वर्मा, त्रिलोचन जोशी, टेक बहादुर, प्रकाश शर्मा, हरीबल्लभ भट्ट, भुवन चंद, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश भट्ट आदि मौजूद रहे। उधर अस्कोट में हनुमान का सीता की खोज में लंका पहुंचना, अशोक वाटिका को उजाड़ना, हनुमान द्वारा लंका में आग लगाना और वापस राम के पास लौटने तक की लीला का मंचन किया गया। राम कहते हैं संदेशा ए पवन सुत तू सिया प्यारी से कह देना, विरह में उनके व्याकुल हूं व्यथा मेरी सुना देना। मुख्य अतिथि देवल की प्रधान आशा पाल, वक्ता गोविंद भंडारी समेत सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे। पिथौरागढ़ के जाख में सीता की खोज, शबरी आश्रम में भगवान राम के पहुंचने तक की लीला का मंचन हुआ।
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शबरी की भूमिका डॉ. डीएन भट्ट, राम विमल गिरी, लक्ष्मण अमित गिरी, सीता प्रियांशु भट्ट, रावण प्रकाश भट्ट, जोगिया रावण मनीष जोशी, हारमोनियम पर राजेंद्र भट्ट तबले में रवि ने संगत निभाई। बेड़ीनाग के चामाचौड़ में मंचन के पांचवे दिन दशरथ-कैकई संवाद, केवट द्वारा नाव से राम को गंगा नदी पार कराने की लीला का मंचन किया गया। दशरथ की भूमिका में दिवाकर, सुमित्रा अंकित, कौशल्या जय, कैकई सूरज दसौनी रहे। उधर पांखू में भी रामलीला मंचन शुरू हो गया है। पहले दिन की रामलीला में रामजन्म तक के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

डीडीहाट की रामलीला में राम-सुग्रीव की मित्रता का दृश्य।

डीडीहाट की रामलीला में राम-सुग्रीव की मित्रता का दृश्य।- फोटो : PITHORAGARH

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