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Pithoragarh News: जाराजिबली के देथल तोक में छह घर खतरे की जद में
Sun, 23 Jul 2023 12:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 23 Jul 2023 12:30 AM IST
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थल में भूस्खलन से खतरे की जद में आया मकान। संवाद
पिथौरागढ़/बंगापानी। जाराजिबली के देथल, मल्लागैर तोक में अतिवृष्टि से कई ग्रामीणों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। किसी के घर में दरार आई है तो किसी का आंगन ध्वस्त हो गया है। देथल तोक में बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह और सोबन सिंह के घर खतरे की जद में हैं। बिजली की लाइन भी जगह-जगह ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था बहाल करने तथा गांव में सुरक्षा के उपाय किए जाने की मांग की है। इधर मेतली के भटभटा और देवलेख में मक्के की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बाद होने से ग्रामीण मायूस हैं। भटभटा के दीवान सिंह के आंगन को नुकसान पहुंचा है।
जाराजिबली के पूर्व सैनिक वीर विक्रम सिंह ने बताया कि देथल तोक में सड़क के साथ ही एक पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि एक पुलिया की साइड की दीवार धंस गई है। छिपलाकोट जाने वाला रास्ता और मकानों के आगे की सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हुई हैं। ग्वालवाननी, मल्लागैर, देथल और धामा पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बीएस महर ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक को नुकसान का जायजा लेने के लिए मौके पर भेजा गया है। पीएमजीएसवाई एई किशन ऐरी ने बताया कि जाराजिबली सड़क की लंबाई करीब 20 किमी है। भारी बारिश से यह सड़क आठ से 10 जगह मलबा और बोल्डर आने से बंद है। किलोमीटर 17 में 200 मीटर सड़क बह गई है। सड़क खोलने में एक दिन का समय लगेगा। उसके बाद बही सड़क के हिस्से में कार्य किया जाएगा। संवाद
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हरड़िया के नया बस्ती में हल्की बारिश में भी दरक रही पहाड़ी
नाचनी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के नया बस्ती में पहाड़ी हल्की बारिश में भी लगातार दरक रही है। इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ी दरकने से यह सड़क शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार सुबह सात बजे तक बंद रही। सुबह 11.45 बजे सड़क पर एक बार फिर बोल्डर और भारी मलबा गिर गया। दोपहर 1:45 बजे फिर से सड़क को आवागमन के लिए खोला गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग लगी रही।
अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा और बोल्डर का लगातार गिरना जारी है। यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए मशीन ऑपरेटर को जान खतरे में डालकर सड़क खोलनी पड़ रही है। दिनभर में छह से आठ बार सड़क खोलनी पड़ती है। होकरा सड़क पर भी कफूवाधार में लगातार भूस्खलन जारी है। नाचनी-बांसबगड़ सड़क वर्तमान में खुली हुई है। संवाद
इनसेट
चौपखिया मंदिर की दीवार गिरी
मूनाकोट। ग्राम पंचायत रियांसी के चौपखिया मंदिर की दीवार शुक्रवार रात हुई भारी बारिश से गिर गई है। प्रधान राधिका देवी ने नुकसान की सूचना राजस्व विभाग को दी है। उधर जाखपंत में केदार मंदिर जाने वाले रास्ते का मलबा सिरकुच-कटियानी सड़क पर गिर गया। इससे सड़क का कुछ हिस्सा बंद हो गया। प्रधान सिरकुच राजेश्वरी रावत ने सड़क पर मलबा गिरने की सूचना लोनिवि के अभियंता को दी है। संवाद
इनसेट
थल में भूस्खलन से मकान को खतरा
थल। बालेश्वर मंदिर के बगल से श्मशान घाट के लिए जाने वाली सड़क शनिवार तड़के चार बजे भूस्खलन की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई है। इससे वहां स्थित एक भवन को खतरा हो गया है। थल तहसील के कई गांवों के साथ यह डीडीहाट के लोगों का भी मुख्य घाट है। यहां से लोग शव के साथ दाह संस्कार की लकड़ी वाहन से लेकर जाते हैं। स्थानीय निवासी हर सिंह कार्की ने सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। संवाद
इनसेट
गधेरे में बहने से छात्रा घायल
मुनस्यारी। छात्रा अंजलि पुत्री खुशाल राम शुक्रवार शाम को सहेली के साथ मुनस्यारी बाजार से अपने घर दरांती जा रही थी। रास्ते में शिव जलधारे के पास बहने वाले गधेरे को पार करते समय वह कूछ दूर तक बह गई। इससे अंजलि को काफी चोटें आईं हैं और उसके कागजात भी बह गए। घायल छात्रा जैसे-तैसे घर पहुंची। छात्रा को शनिवार को परिजन और क्षेत्र पंचायत सदस्य योगेश भाकुनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। डॉ. कृष्णा सिंह फर्स्वाण घायल छात्रा का इलाज कर रहे हैं। संवाद
इनसेट
काली नदी उफान पर, पानी हुआ मटमैला
धारचूला। सीमांत में हुई भारी बारिश के चलते काली नदी सुबह के समय उफान पर आ गई। काली नदी चेतावनी स्तर 889 मीटर से ऊपर 889.50 बहने लगी। दोपहर एक बजे जलस्तर कुछ कम होकर 889.40 मीटर हो गया। इधर एनएचपीसी के छिरकिला डैम से पानी छोड़ने के कारण काली नदी का पानी मटमैला हो गया है। फिलहाल पानी छोड़ने से नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
बीती रात की बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट एनएच के नयाबस्ती में मलबा, बोल्डर आने से पांच घंटे बंद रही सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है। दोबाट के पास सड़क बंद होने कई वाहन और ग्रामीण फंसे हुए हैं। हिलवेज कंपनी के अधिकारी ने बताया कि सड़क को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर शुक्रवार रात की बारिश के कारण तवाघाट-लिपुलेख सड़क बीआरओ ने खोल दी है। गर्ब्यांग निवासी आमोद गर्ब्याल ने बताया कि व्यास घाटी में पेलसीती झरने के दोनों साइड बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद है। इसके चलते व्यास घाटी का तीन-चार दिनों से तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है। वहीं गोरी नदी मदकोट और जौलजीबी में अभी सामान्य रूप से बह रही हैं। संवाद
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बोल्डर और मलबा गिरने से सीमांत की 18 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। भारी बारिश के चलते सीमांत जिले की 18 सड़कें जगह-जगह भूस्खलन और बोल्डर गिरने से बंद हो गई हैं। धारचूला में काली का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बेड़ीनाग में सर्वाधिक 95.60 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह सात बजे तक जारी रही। बाद में मौसम सामान्य हो गया। पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क मलघाट के पास बंद हुई स़ड़क को खोल दिया गया है।
सीमांत जिले में हुई भारी बारिश से भूस्खलन के कारण घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क बंद हो गई। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग बरम से बंगापानी के बीच, पिथौरागढ़-धारचूला सड़क छारछुम के पास मलबा-बोल्डर गिरने से बंद हो गई। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की बंगापानी-जाराजिबली, बटगल-सेलीपाक, बिरतोली-बेलकोट-पीपलतड़, सानदेव-तुरगोली, मड़मानले-बारमो, रसियापाटा-मोडी, झूलाघाट-तालेश्वर और सातसिलिंग-थल सड़क पर भी मलबा गिर गया। इन सड़कों को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसूरीकांठा-होकरा, देवविचौना-गराली, नाचनी-रायबजेता, ड्योड़ा-बारमो और तवाघाट-थानीधार सड़कें काफी समय से बंद चल रही हैं। सड़कों के बंद रहने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि शनिवार को बंद हुई कुछ सड़कों पर यातायात बाद सुचारु हो गया है। बेड़ीनाग में सर्वाधिक और गंगोलीहाट में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। संवाद
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बाक्स
कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 68.50
गंगोलीहाट 11.50
बेड़ीनाग 95.60
डीडीहाट 79.80
मुनस्यारी 58.40
धारचूला 50
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बनबसा में शारदा का जलस्तर बढ़ा
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों पर हुई बारिश से बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। शाम तीन बजे नदी का जलस्तर 90,317 क्यूसेक पहुंच गया। रात बजे जलस्तर 80,013 क्यूसेक था। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया जाएगा। शनिवार को चौबीस घंटे में बनबसा में नौ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बनबसा में न्यूनतम तापमान 26 और अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। संवाद
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मलबा आनेे से पूर्णागिरि मार्ग फिर छह घंटे रहा बंद
उफनाए किरोड़ नाले में बहकर आए पेड़ ने भी रोकी राह
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मलबा आने के कारण 17 दिन से बंद मां पूर्णागिरि धाम मार्ग बीते शुक्रवार को ही खुला था लेकिन रात में हुई मूसलाधार बारिश के कारण बाटनागाड़ में एक बार फिर भारी मलबा आने से यह मार्ग करीब छह घंटे बाधित रहा। लोनिवि जेई तनुजा देव ने बताया कि मलबा हटाकर सुबह 11:30 बजे मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया था।
वहीं उफनाए किरोड़ा नाले ने बहकर आए भारी भरकम पेड़ के कारण गैंड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, उचौलीगोठ, चिलियाघोल, बूम आदि गांवों का सड़क संपर्क बाधित रहा। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने कटर मशीन से पेड़ काटकर यातायात सुचारू किया।
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जाराजिबली के पूर्व सैनिक वीर विक्रम सिंह ने बताया कि देथल तोक में सड़क के साथ ही एक पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि एक पुलिया की साइड की दीवार धंस गई है। छिपलाकोट जाने वाला रास्ता और मकानों के आगे की सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हुई हैं। ग्वालवाननी, मल्लागैर, देथल और धामा पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं।
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बीएस महर ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक को नुकसान का जायजा लेने के लिए मौके पर भेजा गया है। पीएमजीएसवाई एई किशन ऐरी ने बताया कि जाराजिबली सड़क की लंबाई करीब 20 किमी है। भारी बारिश से यह सड़क आठ से 10 जगह मलबा और बोल्डर आने से बंद है। किलोमीटर 17 में 200 मीटर सड़क बह गई है। सड़क खोलने में एक दिन का समय लगेगा। उसके बाद बही सड़क के हिस्से में कार्य किया जाएगा। संवाद
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हरड़िया के नया बस्ती में हल्की बारिश में भी दरक रही पहाड़ी
नाचनी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के नया बस्ती में पहाड़ी हल्की बारिश में भी लगातार दरक रही है। इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ी दरकने से यह सड़क शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार सुबह सात बजे तक बंद रही। सुबह 11.45 बजे सड़क पर एक बार फिर बोल्डर और भारी मलबा गिर गया। दोपहर 1:45 बजे फिर से सड़क को आवागमन के लिए खोला गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग लगी रही।
अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा और बोल्डर का लगातार गिरना जारी है। यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए मशीन ऑपरेटर को जान खतरे में डालकर सड़क खोलनी पड़ रही है। दिनभर में छह से आठ बार सड़क खोलनी पड़ती है। होकरा सड़क पर भी कफूवाधार में लगातार भूस्खलन जारी है। नाचनी-बांसबगड़ सड़क वर्तमान में खुली हुई है। संवाद
इनसेट
चौपखिया मंदिर की दीवार गिरी
मूनाकोट। ग्राम पंचायत रियांसी के चौपखिया मंदिर की दीवार शुक्रवार रात हुई भारी बारिश से गिर गई है। प्रधान राधिका देवी ने नुकसान की सूचना राजस्व विभाग को दी है। उधर जाखपंत में केदार मंदिर जाने वाले रास्ते का मलबा सिरकुच-कटियानी सड़क पर गिर गया। इससे सड़क का कुछ हिस्सा बंद हो गया। प्रधान सिरकुच राजेश्वरी रावत ने सड़क पर मलबा गिरने की सूचना लोनिवि के अभियंता को दी है। संवाद
इनसेट
थल में भूस्खलन से मकान को खतरा
थल। बालेश्वर मंदिर के बगल से श्मशान घाट के लिए जाने वाली सड़क शनिवार तड़के चार बजे भूस्खलन की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई है। इससे वहां स्थित एक भवन को खतरा हो गया है। थल तहसील के कई गांवों के साथ यह डीडीहाट के लोगों का भी मुख्य घाट है। यहां से लोग शव के साथ दाह संस्कार की लकड़ी वाहन से लेकर जाते हैं। स्थानीय निवासी हर सिंह कार्की ने सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। संवाद
इनसेट
गधेरे में बहने से छात्रा घायल
मुनस्यारी। छात्रा अंजलि पुत्री खुशाल राम शुक्रवार शाम को सहेली के साथ मुनस्यारी बाजार से अपने घर दरांती जा रही थी। रास्ते में शिव जलधारे के पास बहने वाले गधेरे को पार करते समय वह कूछ दूर तक बह गई। इससे अंजलि को काफी चोटें आईं हैं और उसके कागजात भी बह गए। घायल छात्रा जैसे-तैसे घर पहुंची। छात्रा को शनिवार को परिजन और क्षेत्र पंचायत सदस्य योगेश भाकुनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। डॉ. कृष्णा सिंह फर्स्वाण घायल छात्रा का इलाज कर रहे हैं। संवाद
इनसेट
काली नदी उफान पर, पानी हुआ मटमैला
धारचूला। सीमांत में हुई भारी बारिश के चलते काली नदी सुबह के समय उफान पर आ गई। काली नदी चेतावनी स्तर 889 मीटर से ऊपर 889.50 बहने लगी। दोपहर एक बजे जलस्तर कुछ कम होकर 889.40 मीटर हो गया। इधर एनएचपीसी के छिरकिला डैम से पानी छोड़ने के कारण काली नदी का पानी मटमैला हो गया है। फिलहाल पानी छोड़ने से नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
बीती रात की बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट एनएच के नयाबस्ती में मलबा, बोल्डर आने से पांच घंटे बंद रही सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है। दोबाट के पास सड़क बंद होने कई वाहन और ग्रामीण फंसे हुए हैं। हिलवेज कंपनी के अधिकारी ने बताया कि सड़क को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर शुक्रवार रात की बारिश के कारण तवाघाट-लिपुलेख सड़क बीआरओ ने खोल दी है। गर्ब्यांग निवासी आमोद गर्ब्याल ने बताया कि व्यास घाटी में पेलसीती झरने के दोनों साइड बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद है। इसके चलते व्यास घाटी का तीन-चार दिनों से तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है। वहीं गोरी नदी मदकोट और जौलजीबी में अभी सामान्य रूप से बह रही हैं। संवाद
बोल्डर और मलबा गिरने से सीमांत की 18 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। भारी बारिश के चलते सीमांत जिले की 18 सड़कें जगह-जगह भूस्खलन और बोल्डर गिरने से बंद हो गई हैं। धारचूला में काली का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बेड़ीनाग में सर्वाधिक 95.60 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह सात बजे तक जारी रही। बाद में मौसम सामान्य हो गया। पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क मलघाट के पास बंद हुई स़ड़क को खोल दिया गया है।
सीमांत जिले में हुई भारी बारिश से भूस्खलन के कारण घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क बंद हो गई। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग बरम से बंगापानी के बीच, पिथौरागढ़-धारचूला सड़क छारछुम के पास मलबा-बोल्डर गिरने से बंद हो गई। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की बंगापानी-जाराजिबली, बटगल-सेलीपाक, बिरतोली-बेलकोट-पीपलतड़, सानदेव-तुरगोली, मड़मानले-बारमो, रसियापाटा-मोडी, झूलाघाट-तालेश्वर और सातसिलिंग-थल सड़क पर भी मलबा गिर गया। इन सड़कों को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसूरीकांठा-होकरा, देवविचौना-गराली, नाचनी-रायबजेता, ड्योड़ा-बारमो और तवाघाट-थानीधार सड़कें काफी समय से बंद चल रही हैं। सड़कों के बंद रहने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि शनिवार को बंद हुई कुछ सड़कों पर यातायात बाद सुचारु हो गया है। बेड़ीनाग में सर्वाधिक और गंगोलीहाट में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। संवाद
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कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 68.50
गंगोलीहाट 11.50
बेड़ीनाग 95.60
डीडीहाट 79.80
मुनस्यारी 58.40
धारचूला 50
बनबसा में शारदा का जलस्तर बढ़ा
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों पर हुई बारिश से बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। शाम तीन बजे नदी का जलस्तर 90,317 क्यूसेक पहुंच गया। रात बजे जलस्तर 80,013 क्यूसेक था। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया जाएगा। शनिवार को चौबीस घंटे में बनबसा में नौ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बनबसा में न्यूनतम तापमान 26 और अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। संवाद
मलबा आनेे से पूर्णागिरि मार्ग फिर छह घंटे रहा बंद
उफनाए किरोड़ नाले में बहकर आए पेड़ ने भी रोकी राह
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मलबा आने के कारण 17 दिन से बंद मां पूर्णागिरि धाम मार्ग बीते शुक्रवार को ही खुला था लेकिन रात में हुई मूसलाधार बारिश के कारण बाटनागाड़ में एक बार फिर भारी मलबा आने से यह मार्ग करीब छह घंटे बाधित रहा। लोनिवि जेई तनुजा देव ने बताया कि मलबा हटाकर सुबह 11:30 बजे मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया था।
वहीं उफनाए किरोड़ा नाले ने बहकर आए भारी भरकम पेड़ के कारण गैंड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, उचौलीगोठ, चिलियाघोल, बूम आदि गांवों का सड़क संपर्क बाधित रहा। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने कटर मशीन से पेड़ काटकर यातायात सुचारू किया।