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Pithoragarh News: शालीखेत पंपिंग योजना ठप, बड़ी आबादी पानी के लिए परेशान
Wed, 20 Aug 2025 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:41 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बिजली आपूर्ति बाधित होने से शालीखेत पंपिंग योजना ठप हो गई है। ऐसे में बीते दो दिनों से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं हो रही है। 20 हजार से ज्यादा की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
मुख्य लाइन के तार जलने से शालीखेत योजना के पंप दो दिन से नहीं चलने से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप है। इस योजना से नगर सहित हाट, हनेरा, चौढियार, नौदूंगा, लाली, खतेड़ा, भाटगांव, पुनोली, कुंजनपुर, रावलगांव, पठक्यूड़ा, ढोलिया, भूल्यूड़ा, खेतीगाड़ा, चुतरपानी, शांतिनगर और कफलाड़ी गांवों में जलापूर्ति होती है। योजना बंद होने से इन क्षेत्रों के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। नल सूखे हैं और क्षेत्र की 20 हजार से अधिक की आबादी प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
बारिश में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कभी फिल्टर न होने से स्रोत में मलबा जमने से जलापूर्ति ठप हो रही है तो कभी बिजली गुल होने से। करोड़ों की योजना के बाद भी उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
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कोट
बिजली आपूर्ति सुचारु कर पंपिंग शुरू कर दी है। जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था पटरी पर आएगी। - रूपेश आर्या, जेई, जल संस्थान
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मुख्य लाइन के तार जलने से शालीखेत योजना के पंप दो दिन से नहीं चलने से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप है। इस योजना से नगर सहित हाट, हनेरा, चौढियार, नौदूंगा, लाली, खतेड़ा, भाटगांव, पुनोली, कुंजनपुर, रावलगांव, पठक्यूड़ा, ढोलिया, भूल्यूड़ा, खेतीगाड़ा, चुतरपानी, शांतिनगर और कफलाड़ी गांवों में जलापूर्ति होती है। योजना बंद होने से इन क्षेत्रों के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। नल सूखे हैं और क्षेत्र की 20 हजार से अधिक की आबादी प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
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बारिश में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंपों से पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कभी फिल्टर न होने से स्रोत में मलबा जमने से जलापूर्ति ठप हो रही है तो कभी बिजली गुल होने से। करोड़ों की योजना के बाद भी उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति सुचारु कर पंपिंग शुरू कर दी है। जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था पटरी पर आएगी। - रूपेश आर्या, जेई, जल संस्थान