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Pithoragarh News: सीमालेटी गांव को वासुकीनाग योजना से दें पानी
Tue, 21 Mar 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:52 PM IST
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गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। क्षेत्र का धारीधुमलकोट ग्राम पंचायत का सीमालेटी गांव ऊंचाई पर बसा होने के कारण पेयजल संकट से जूझ रहा है। गांव के पेयजल स्रोत का पानी भी हर वर्ष घटता जा रहा है। ग्रामीणों ने गांव के ऊपर से आ रही वासुकीनाग पेयजल योजना से उन्हें पानी देने की मांग की है।
प्रधान नीमा देवी और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्व गांव का चयन वासुकीनाग पंपिंग योजना में किया गया था। कहा कि योजना में कार्य शुरू हो चुका है लेकिन अब तक ग्रामीणों को उक्त योजना से जोड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। कहा कि वासुकीनाग योजना के लाभार्थियों में सीमालेटी और काकड़पानी सबसे अधिक ऊंचाई पर बसे गांव हैं।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर गांव को कागजों में लाभान्वित दिखाने का भी आरोप लगाया। इस मामले में धारी धुमलकोट गांव के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रबल्लभ पांडे ने सीएम पोर्टल में भी शिकायत की थी। जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक ने इसका संज्ञान लेते हुए शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे।
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ग्रामीणों ने सीमालेटी और काकड़पानी गांवों का निरीक्षण करने की भी मांग उठाई है। पांडे ने बताया कि सीमालेटी और काकड़पानी में पानी की बहुत किल्लत है। काकड़पानी का पेयजल स्रोत सूख गया है। महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ता है। इससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
अधिकतर लोग छोड़ चुके हैं गांव
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। सुविधाओं में कमी के कारण अधिकतर लोग सीमालेटी और काकड़पानी छोड़ चुके हैं। दोनों गांवों के लोग कृषि और पशुपालन से जीवन यापन करते थे। शिक्षा, यातायात, पेयजल नहीं होने से ग्रामीण गांव छोड़कर जा रहे हैं। यह क्रम अब भी जारी है। संवाद
44 करोड़ की लागत से वासुकीनाग पंपिंग पेयजल योजना बनाई जा रही है। इससे करीब 50 राजस्व गांव लाभान्वित होने हैं। जब उक्त योजना गांव के ऊपर से जा रही है तो इसका लाभ ग्रामीणों को मिलना चाहिए। -चंद्रबल्लभ पांडे, काकड़पानी
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प्रधान नीमा देवी और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्व गांव का चयन वासुकीनाग पंपिंग योजना में किया गया था। कहा कि योजना में कार्य शुरू हो चुका है लेकिन अब तक ग्रामीणों को उक्त योजना से जोड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। कहा कि वासुकीनाग योजना के लाभार्थियों में सीमालेटी और काकड़पानी सबसे अधिक ऊंचाई पर बसे गांव हैं।
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ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर गांव को कागजों में लाभान्वित दिखाने का भी आरोप लगाया। इस मामले में धारी धुमलकोट गांव के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रबल्लभ पांडे ने सीएम पोर्टल में भी शिकायत की थी। जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक ने इसका संज्ञान लेते हुए शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे।
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ग्रामीणों ने सीमालेटी और काकड़पानी गांवों का निरीक्षण करने की भी मांग उठाई है। पांडे ने बताया कि सीमालेटी और काकड़पानी में पानी की बहुत किल्लत है। काकड़पानी का पेयजल स्रोत सूख गया है। महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ता है। इससे उन्हें काफी परेशानी होती है।
अधिकतर लोग छोड़ चुके हैं गांव
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। सुविधाओं में कमी के कारण अधिकतर लोग सीमालेटी और काकड़पानी छोड़ चुके हैं। दोनों गांवों के लोग कृषि और पशुपालन से जीवन यापन करते थे। शिक्षा, यातायात, पेयजल नहीं होने से ग्रामीण गांव छोड़कर जा रहे हैं। यह क्रम अब भी जारी है। संवाद
44 करोड़ की लागत से वासुकीनाग पंपिंग पेयजल योजना बनाई जा रही है। इससे करीब 50 राजस्व गांव लाभान्वित होने हैं। जब उक्त योजना गांव के ऊपर से जा रही है तो इसका लाभ ग्रामीणों को मिलना चाहिए। -चंद्रबल्लभ पांडे, काकड़पानी