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विज्ञान दिवस पर छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
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पिथौरागढ़ एसडीएस में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर मौजूद छात्र।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कई विद्यालयों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने अपनी विज्ञान की प्रतिभा को मॉडलों के रूप में दिखाया।
एसडीएस जीआईसी में रविवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का शुभारंभ प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विज्ञान दिवस की थीम फ्यूचर ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन-इंपैक्ट ऑफ एजुकेशन, स्किल एंड वर्क रखी गई है।
बताया कि विद्यार्थियों और जनसाधारण को विज्ञान और वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस दौरान विद्यालय के बाल वैज्ञानिक गौरव मलड़ा, रोहित, सौरभ पांडेय, महेश कठायत, संतोष, निखिल, सादिया, मुस्कान मेहता, योगेश, विकास, रोहित जोशी को सम्मानित किया गया।
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केंद्रीय विद्यालय में प्राचार्य कमला निखुर्पा ने महान वैज्ञानिक सीवी रमन के चित्र पर माल्यार्पण किया। शिक्षक अशोक कुमार ओझा ने कहा कि डॉ. सीवी रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव नाम से एक शोध किया। इसके बाद 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार और 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
अरविंद खरवार ने रमन प्रभाव के सिद्धांत के बारे में बताया। इस दौरान नीरज बनकोटी, बीएमएस रावत, शैलेश गुप्ता, जगदीश पांडेय, अमित जोशी, संजय कोठियाल, जीबी पांडेय, विमल किशोर पांडेय, पिंकेश जांगिड़, शंकर दत्त पंत आदि रहे।
विज्ञान दिवस पर नन्ही चौपाल ने किए कार्यक्रम
पिथौरागढ़। टकाना स्थित नन्ही चौपाल स्टूडियो में तथाकथित चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम हुए। लोक संचार एवं विकास समिति पिथौरागढ़ की ओर से बच्चों को अंधविश्वास से संबंधित विभिन्न चमत्कार दिखाए गए और इन चमत्कारों के पीछे की वैज्ञानिक व्याख्या भी की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में अंधविश्वास को हटाकर वैज्ञानिक सोच की चेतना जगाना रहा। नन्ही चौपाल के संरक्षक विप्लव भट्ट ने विज्ञान की उपयोगिता और डॉ. सीवी रमन के जीवन और कार्यों के बारे में बताया। इस दौरान लोक संचार एवं विकास समिति के अध्यक्ष योगेश भट्ट, जितेंद्र भटनागर, मेजर ललित, अवनीश भट्ट, विनीता भट्ट, कंचन आदि रहे।
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एसडीएस जीआईसी में रविवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का शुभारंभ प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विज्ञान दिवस की थीम फ्यूचर ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन-इंपैक्ट ऑफ एजुकेशन, स्किल एंड वर्क रखी गई है।
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बताया कि विद्यार्थियों और जनसाधारण को विज्ञान और वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस दौरान विद्यालय के बाल वैज्ञानिक गौरव मलड़ा, रोहित, सौरभ पांडेय, महेश कठायत, संतोष, निखिल, सादिया, मुस्कान मेहता, योगेश, विकास, रोहित जोशी को सम्मानित किया गया।
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केंद्रीय विद्यालय में प्राचार्य कमला निखुर्पा ने महान वैज्ञानिक सीवी रमन के चित्र पर माल्यार्पण किया। शिक्षक अशोक कुमार ओझा ने कहा कि डॉ. सीवी रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव नाम से एक शोध किया। इसके बाद 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार और 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
अरविंद खरवार ने रमन प्रभाव के सिद्धांत के बारे में बताया। इस दौरान नीरज बनकोटी, बीएमएस रावत, शैलेश गुप्ता, जगदीश पांडेय, अमित जोशी, संजय कोठियाल, जीबी पांडेय, विमल किशोर पांडेय, पिंकेश जांगिड़, शंकर दत्त पंत आदि रहे।
विज्ञान दिवस पर नन्ही चौपाल ने किए कार्यक्रम
पिथौरागढ़। टकाना स्थित नन्ही चौपाल स्टूडियो में तथाकथित चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम हुए। लोक संचार एवं विकास समिति पिथौरागढ़ की ओर से बच्चों को अंधविश्वास से संबंधित विभिन्न चमत्कार दिखाए गए और इन चमत्कारों के पीछे की वैज्ञानिक व्याख्या भी की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में अंधविश्वास को हटाकर वैज्ञानिक सोच की चेतना जगाना रहा। नन्ही चौपाल के संरक्षक विप्लव भट्ट ने विज्ञान की उपयोगिता और डॉ. सीवी रमन के जीवन और कार्यों के बारे में बताया। इस दौरान लोक संचार एवं विकास समिति के अध्यक्ष योगेश भट्ट, जितेंद्र भटनागर, मेजर ललित, अवनीश भट्ट, विनीता भट्ट, कंचन आदि रहे।