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मालासीमा प्राथमिक विद्यालय जर्जर, कैसे पढ़ेंगे बच्चे
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट विकासखंड का राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालासीमा का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
कोरोना काल से बंद पड़े इस विद्यालय भवन की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यहां विद्यालय 13 बच्चे किस तरह पढ़ते होंगे, इसका अंदाज इस भवन की हालत देखकर लगाया जा सकता है।
डीडीहाट मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालासीमा स्थित है। विद्यालय में करीब छह गांव के 13 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन विद्यालय भवन की हालत बेहद जर्जर है। छात्र भी इस जर्जर भवन में डर के साये में पढ़ने को मजबूर हैं।
कोरोना के चलते भवन देखरेख के अभाव में दिन प्रतिदिन जर्जर होता जा रहा है। इसकी छत और फर्श की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बच्चे जब इस क्षतिग्रस्त भवन के कमरों में बैठकर अध्ययन करते हैं तो घर में बैठे उनके माता-पिता को उनकी चिंता रहती है।
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प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद खराब हो चुकी है। बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसका सुधारीकरण किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर कभी ध्यान नहीं दिया।
-रमेश राम, ग्रामीण
शिक्षा के मंदिर की हालत बेहद खराब हो गई है। पूर्व और वर्तमान कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत बदहाल व्यवस्थाओं की ओर इशारा करती है।
-शेर सिंह भंडारी, ग्रामीण
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालासीमा के सुधारीकरण का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा गया है। जिला योजना के तहत विद्यालय के भवन का निर्माण किया जाना है। बजट आवंटित होने पर भवन का निर्माण किया जाएगा।
-पीएल टम्टा, खंड शिक्षाधिकारी
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कोरोना काल से बंद पड़े इस विद्यालय भवन की हालत बेहद खराब हो चुकी है। यहां विद्यालय 13 बच्चे किस तरह पढ़ते होंगे, इसका अंदाज इस भवन की हालत देखकर लगाया जा सकता है।
डीडीहाट मुख्यालय से 20 किमी की दूरी पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालासीमा स्थित है। विद्यालय में करीब छह गांव के 13 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन विद्यालय भवन की हालत बेहद जर्जर है। छात्र भी इस जर्जर भवन में डर के साये में पढ़ने को मजबूर हैं।
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कोरोना के चलते भवन देखरेख के अभाव में दिन प्रतिदिन जर्जर होता जा रहा है। इसकी छत और फर्श की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बच्चे जब इस क्षतिग्रस्त भवन के कमरों में बैठकर अध्ययन करते हैं तो घर में बैठे उनके माता-पिता को उनकी चिंता रहती है।
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प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद खराब हो चुकी है। बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसका सुधारीकरण किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर कभी ध्यान नहीं दिया।
-रमेश राम, ग्रामीण
शिक्षा के मंदिर की हालत बेहद खराब हो गई है। पूर्व और वर्तमान कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत बदहाल व्यवस्थाओं की ओर इशारा करती है।
-शेर सिंह भंडारी, ग्रामीण
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालासीमा के सुधारीकरण का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा गया है। जिला योजना के तहत विद्यालय के भवन का निर्माण किया जाना है। बजट आवंटित होने पर भवन का निर्माण किया जाएगा।
-पीएल टम्टा, खंड शिक्षाधिकारी