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पर्यावरण और खुद को बचाना है तो इस बार पटाखों को कहिए ‘ना’

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 10:42 PM IST
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say no to cracker
पिथौरागढ़ के नेड़ा में एंटी क्रेकर अभियान चलाते बच्चे। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। दीपावली पर ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान को लेकर लोग आगे आने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पटाखे पैसों की बर्बादी है। पटाखों की आवाज से इंसान ही नहीं जानवर भी परेशान रहते हैं। पटाखों से निकला धुआं लोगों के साथ ही पर्यावरण के लिए भी खतरनाक होता है। सांस लेने में तकलीफ होती है। पर्यावरण और खुद को बचाना है तो पटाखों को ना कहना है।
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अमर उजाला की पहल पर शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.तारा सिंह की अध्यक्षता में गोष्ठी और रैली आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने दीपावली में पटाखे नहीं चलाने का निर्णय लिया। डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसा ना हो पटाखों का धुआं आपके बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाकर कोरोना की ओर धकेल दे। उन्होंने बच्चों को पटाखा से दूर रहने का आह्वान किया। इसके बाद बच्चों ने पोस्टर हाथ में लेकर क्षेत्र में रैली निकालकर पटाखे नहीं चलाने को प्रेरित किया। इस मौके पर चेतन भट्ट, तनुजा पाल, शौर्य मेहरा, दृष्टि, करिश्मा महर, बबीता, तेजस्वी आकोटी, मिन्नी सिंह, रौनक ततराड़ी, दक्ष सोराड़ी, ओजस्वी, मंगल सिंह, नीरज आदि मौजूद रहे।
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पटाखे इंसानों के लिए जानवरों के लिए भी हानिकारक हैं। ऐसे में पटाखे जलाकर नुकसान से बचा जा सकता है। - दक्ष सोराड़ी
पिछले वर्षों में पटाखे खूब चलाए। लेकिन इस वर्ष पटाखे नहीं चलाने को लेकर अपने साथियों, परिजनों को भी जागरूक करेंगे। - तेजस्वी आकोटी
दीपावली गरीब बच्चों के बीच मनाई जाएगी। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से अच्छा है किसी के दुख में उसे उपहार देकर खुशी दी जाए। - तनुजा पाल
पटाखों की आवाज कुछ समय के लिए अच्छी लगती है। लेकिन उससे होने वाले नुकसान से हमें ही तकलीफ होती है। - रौनक ततराड़ी
पटाखे जलाकर बढ़ सकती है कोरोना मरीजों की तकलीफ
पिथौरागढ़। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सिद्धि प्रसाद पंत ने बताया कि कोरोना दौर में हम पटाखे जलाकर संक्रमितों की परेशानियों को और बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों को पूरी तरह ठीक होने में काफी समय लगता है। कोरोना मरीजों को सांस लेने में समस्याएं आ रही हैं। ऐसे में हम पटाखे चलाकर होम आइसोलेशन और अन्य जगह रहने वाले कोरोना मरीजों को मुसीबत में डाल सकते हैं। पटाखों के जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं किसी व्यक्ति विशेष को ही नहीं प्रभावित करती बल्कि आमजन के साथ ही जानवरों को नुकसान पहुंचाता है। चाहे पटाखों का धुआं हो या उनकी आवाज। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों ने दीपावली पर्व पर सावधानी बरतते हुए पटाखे नहीं जलाने चाहिए।
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