{"_id":"661d73a17275bf77a202bb4e","slug":"salute-to-courage-women-cut-three-km-road-in-27-days-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-112326-2024-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: हौसले को सलाम, महिलाओं ने 27 दिन में काट दी तीन किमी सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: हौसले को सलाम, महिलाओं ने 27 दिन में काट दी तीन किमी सड़क
Tue, 16 Apr 2024 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 16 Apr 2024 12:06 AM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट के गंतोला में सड़क बनाने में जुटी महिलाएं। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पहाड़ की महिलाओं को यूं ही जीवट नहीं कहा जाता है। यदि महिलाएं कुछ ठान लेती हैं तो उसे पूरा करके भी दिखाती हैं। गंतोला गांव की महिलाओं ने सरकार को आईना दिखाते हुए युवाओं के साथ मिलकर 27 दिन में तीन किमी सड़क खोद डाली है। अभी लगभग एक किमी सड़क और बननी शेष है। महिलाओं का कहना है कि जब तक गांव सड़क से नहीं जुड़ता, वे एकजुटता से काम में जुटी रहेंगी।
राज्य बनने के बाद मणकनाली से चार किमी सड़क के लिए लगातार मांग कर रहे गंतोला के ग्रामीणों को शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। सरकारी अमले की अनदेखी से आहत गांव की महिलाओं और युवाओं ने ग्राम प्रधान भावना देवी के नेतृत्व में सड़क बनाने का निर्णय लिया। महिलाएं अपना रोजमर्रा का काम छोड़ हाथ में गेंती, बेलचा और फावड़ा लेकर सड़क निर्माण में जुट गईं। महिलाओं ने 27 दिन पहले श्रमदान से सड़क बनाने का काम शुरू कर किया था। अब तक तीन किमी सड़क काटी जा चुकी है। अब एक किमी सड़क और काटी जानी शेष है।
गंतोला गांव में 54 परिवार रहते हैं। 300 से अधिक आबादी वाले गांव के लोग आज भी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो गांव के नजदीक शैलेश्वर गुफा और गुप्त गंगा है। सड़क के अभाव में यह स्थल पर्यटकों की नजरों से कोसों दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती, बीमार व्यक्तियों को सड़क तक पहुंचाने के लिए डोली से मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें इलाज मिल पाता है। गांव के बुजुर्ग कई महीनों में अपनी पेंशन लेने जा पाते हैं।
विज्ञापन
--
ये जुटे हैं सड़क निर्माण में
मधुली देवी, गंगा देवी, मीना, बसंती देवी, कमला, भावना, चंपा, मोहनी, लक्ष्मी देवी, धना देवी, जीवंती, मंजू, गौरव सिंह, रतन सिंह, संजय सिंह, जगत सिंह, भगवान सिंह, सूरज सिंह, पूरन सिंह, भोपाल सिंह आदि। संवाद
विज्ञापन
राज्य बनने के बाद मणकनाली से चार किमी सड़क के लिए लगातार मांग कर रहे गंतोला के ग्रामीणों को शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। सरकारी अमले की अनदेखी से आहत गांव की महिलाओं और युवाओं ने ग्राम प्रधान भावना देवी के नेतृत्व में सड़क बनाने का निर्णय लिया। महिलाएं अपना रोजमर्रा का काम छोड़ हाथ में गेंती, बेलचा और फावड़ा लेकर सड़क निर्माण में जुट गईं। महिलाओं ने 27 दिन पहले श्रमदान से सड़क बनाने का काम शुरू कर किया था। अब तक तीन किमी सड़क काटी जा चुकी है। अब एक किमी सड़क और काटी जानी शेष है।
विज्ञापन
गंतोला गांव में 54 परिवार रहते हैं। 300 से अधिक आबादी वाले गांव के लोग आज भी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो गांव के नजदीक शैलेश्वर गुफा और गुप्त गंगा है। सड़क के अभाव में यह स्थल पर्यटकों की नजरों से कोसों दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती, बीमार व्यक्तियों को सड़क तक पहुंचाने के लिए डोली से मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें इलाज मिल पाता है। गांव के बुजुर्ग कई महीनों में अपनी पेंशन लेने जा पाते हैं।
विज्ञापन
ये जुटे हैं सड़क निर्माण में
मधुली देवी, गंगा देवी, मीना, बसंती देवी, कमला, भावना, चंपा, मोहनी, लक्ष्मी देवी, धना देवी, जीवंती, मंजू, गौरव सिंह, रतन सिंह, संजय सिंह, जगत सिंह, भगवान सिंह, सूरज सिंह, पूरन सिंह, भोपाल सिंह आदि। संवाद