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आज भी बंद रहेगी पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन
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पिथौरागढ़-घाट एनएच में मलबा आने से फंसे वाहन और परेशान लोग। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। बुधवार को 19 घंटे तक बंद रहा पिथौरागढ़-घाट एनएच में पहाड़ी दरकने से फिर भारी मात्रा में मलबा आ गया। तीन स्थानों पर मार्ग बंद होने से सीमांत के लोग अलग-थलग पड़ गए। बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। सैकड़ों की संख्या में लोग भूखे-प्यासे घंटों तक इंतजार करते रहे। नेशनल हाइवे के शुक्रवार को भी खुलने की संभावना नहीं है।
इस समय पिथौरागढ़-घाट हाइवे में बारहमासी सड़क का काम चल रहा है। मंगलवार रात 11 बजे दिल्ली बैंड के समीप पहाड़ी दरकने से बंद हो गया था। बुधवार शाम को छह बजे 19 घंटे बाद हाइवे खोला जा सका। बुधवार रात पौने 11 बजे एक बार फिर पहाड़ी खिसक गई। दिल्ली बैंड के साथ ही मटेला और एक अन्य स्थान पर पहाड़ी से मलबा आ गया। तीन स्थानों पर मलबा और विशाल चट्टानों के टूटकर सड़क पर गिर जाने से बृहस्पतिवार की सुबह मैदानी क्षेत्रों को जा रहे वाहन मटेला से आगे नहीं बढ़ सके। जबकि मैदानी क्षेत्रों से आ रहे वाहन घाट में ही फंस गए। एनएच ने मौके पर मशीनें भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू किया लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी अपराह्न 2 बजे तक केवल दो स्थानों पर आया मलबा साफ किया जा सका। जबकि दिल्ली बैंड में पहाड़ी के लगातार दरकने से बोल्डर नहीं हटाए जा सके। इस सड़क के शुक्रवार को भी खुलने की संभावना नहीं है।
शनिवार को दोपहर बाद यातायात बहाल हो सकता है। इस दौरान यात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री पैदल चलकर दूसरी ओर पहुंचे। महिला और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ी। मैदानी क्षेत्रों की ओर जा रहे सेना के वाहन भी आधे रास्ते में ही फंस गए। डीएम डा.विजय कुमार जोगदंडे ने घाट पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएच के अधिकारियों को सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए निर्देशित किया। बृहस्पितवार को कुछ जीपें और बसें थल-बेड़ीनाग-शेराघाट रूट से होते हुए संचालित हुई। शुक्रवार को भी थल-बेड़ीनाग रूट से ही मैदानी क्षेत्रों के लिए वाहनों का संचालन होगा। एनएच डिविजन के ईई एलडी मथैला ने बताया कि कई स्थानों पर लगातार मलबा गिर रहा है। दिल्ली बैंड में बोल्डर अधिक हैं। सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने 21 मार्च तक सड़क खोलने की बात कही है।
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महिला यात्री ने जताया आक्रोश
पिथौरागढ़। नेशनल हाइवे के बंद होने के कारण बच्चों और महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। खटीमा से अपने बच्चों के साथ पिथौरागढ़ आ रही एक महिला यात्री ने शासन प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। महिला ने कहा कि वह घाट पुल से पैदल चलकर मीना बाजार तक पहुंची है। सामान के साथ आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। मीना बाजार में पिथौरागढ़ जाने के लिए बस या अन्य वाहनों का इंतजाम नहीं किया गया है। एक जीप वाला प्रति यात्री 250 रुपये मांग रहा है। ब्यूरो
शव दाह के लिए जा रहे वाहन भी फंसे
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़-घाट सड़क में तीन स्थानों पर मलबा आने से शव दाह के लिए रामेश्वर जा रहे वाहन भी फंस गए। मटेला और उससे आगे मलबा साफ होने के बाद खड़कूभल्या वाली सड़क से शवों को रामेश्वर घाट ले जाया गया। इस दौरान शव यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ब्यूरो
दूसरे दिन भी पिथौरागढ़ नहीं पहुंचे अखबार
पिथौरागढ़। घाट सड़क के बंद होने के कारण दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी समाचार पत्र पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। लोगों को बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों के पहुंचने की उम्मीद थी। सुबह से ही समाचार पत्रों का इंतजार कर रहे थे लेकिन समाचार पत्र नहीं पहुंचने से पाठक काफी निराश नजर आए। ब्यूरो
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सब्जी, दूध, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल के टैंकर भी फंसे
पिथौरागढ़। सड़क बंद होने के कारण बृहस्पतिवार को टनकपुर, पीलीभीत, हल्द्वानी से पिथौरागढ़ को आ रहे दूध, सब्जी, रसोई गैस सिलिंडर के ट्रक और पेट्रोल-डीजल के टैंकर भी घाट में फंस गए। कई सब्जी चालक अपने वाहनों को गंगोलीहाट-बेड़ीनाग रूट से पिथौरागढ़ पहुंचे। ब्यूरो
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इस समय पिथौरागढ़-घाट हाइवे में बारहमासी सड़क का काम चल रहा है। मंगलवार रात 11 बजे दिल्ली बैंड के समीप पहाड़ी दरकने से बंद हो गया था। बुधवार शाम को छह बजे 19 घंटे बाद हाइवे खोला जा सका। बुधवार रात पौने 11 बजे एक बार फिर पहाड़ी खिसक गई। दिल्ली बैंड के साथ ही मटेला और एक अन्य स्थान पर पहाड़ी से मलबा आ गया। तीन स्थानों पर मलबा और विशाल चट्टानों के टूटकर सड़क पर गिर जाने से बृहस्पतिवार की सुबह मैदानी क्षेत्रों को जा रहे वाहन मटेला से आगे नहीं बढ़ सके। जबकि मैदानी क्षेत्रों से आ रहे वाहन घाट में ही फंस गए। एनएच ने मौके पर मशीनें भेजकर मलबा हटाने का काम शुरू किया लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी अपराह्न 2 बजे तक केवल दो स्थानों पर आया मलबा साफ किया जा सका। जबकि दिल्ली बैंड में पहाड़ी के लगातार दरकने से बोल्डर नहीं हटाए जा सके। इस सड़क के शुक्रवार को भी खुलने की संभावना नहीं है।
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शनिवार को दोपहर बाद यातायात बहाल हो सकता है। इस दौरान यात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री पैदल चलकर दूसरी ओर पहुंचे। महिला और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ी। मैदानी क्षेत्रों की ओर जा रहे सेना के वाहन भी आधे रास्ते में ही फंस गए। डीएम डा.विजय कुमार जोगदंडे ने घाट पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएच के अधिकारियों को सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए निर्देशित किया। बृहस्पितवार को कुछ जीपें और बसें थल-बेड़ीनाग-शेराघाट रूट से होते हुए संचालित हुई। शुक्रवार को भी थल-बेड़ीनाग रूट से ही मैदानी क्षेत्रों के लिए वाहनों का संचालन होगा। एनएच डिविजन के ईई एलडी मथैला ने बताया कि कई स्थानों पर लगातार मलबा गिर रहा है। दिल्ली बैंड में बोल्डर अधिक हैं। सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने 21 मार्च तक सड़क खोलने की बात कही है।
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महिला यात्री ने जताया आक्रोश
पिथौरागढ़। नेशनल हाइवे के बंद होने के कारण बच्चों और महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। खटीमा से अपने बच्चों के साथ पिथौरागढ़ आ रही एक महिला यात्री ने शासन प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। महिला ने कहा कि वह घाट पुल से पैदल चलकर मीना बाजार तक पहुंची है। सामान के साथ आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। मीना बाजार में पिथौरागढ़ जाने के लिए बस या अन्य वाहनों का इंतजाम नहीं किया गया है। एक जीप वाला प्रति यात्री 250 रुपये मांग रहा है। ब्यूरो
शव दाह के लिए जा रहे वाहन भी फंसे
पिथौरागढ़। बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़-घाट सड़क में तीन स्थानों पर मलबा आने से शव दाह के लिए रामेश्वर जा रहे वाहन भी फंस गए। मटेला और उससे आगे मलबा साफ होने के बाद खड़कूभल्या वाली सड़क से शवों को रामेश्वर घाट ले जाया गया। इस दौरान शव यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ब्यूरो
दूसरे दिन भी पिथौरागढ़ नहीं पहुंचे अखबार
पिथौरागढ़। घाट सड़क के बंद होने के कारण दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी समाचार पत्र पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सके। लोगों को बृहस्पतिवार को समाचार पत्रों के पहुंचने की उम्मीद थी। सुबह से ही समाचार पत्रों का इंतजार कर रहे थे लेकिन समाचार पत्र नहीं पहुंचने से पाठक काफी निराश नजर आए। ब्यूरो
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सब्जी, दूध, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल के टैंकर भी फंसे
पिथौरागढ़। सड़क बंद होने के कारण बृहस्पतिवार को टनकपुर, पीलीभीत, हल्द्वानी से पिथौरागढ़ को आ रहे दूध, सब्जी, रसोई गैस सिलिंडर के ट्रक और पेट्रोल-डीजल के टैंकर भी घाट में फंस गए। कई सब्जी चालक अपने वाहनों को गंगोलीहाट-बेड़ीनाग रूट से पिथौरागढ़ पहुंचे। ब्यूरो