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सेनानियों के गांव तक नहीं पहुंची सड़क
Sun, 28 Apr 2019 10:55 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sun, 28 Apr 2019 10:55 PM IST
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सड़क को तरसता स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय दीवान सिंह दशौनी का गांव सिमायल।
- फोटो : पिथौरागढ़
देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले पाताल भुवनेश्वर क्षेत्र के दो स्वाधीनता सेनानियों के गांव आजादी के 72 साल बाद भी यातायात सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क स्वीकृत है लेकिन निर्माण में आ रही बाधा को दूर नहीं किया जा रहा है।
सिमायल निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. दीवान सिंह दशौनी और सिमायल से ही सटे गांव सेला (भूल की अध्याली) गांव के सेनानी स्व. चंचल सिंह रावल के गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2012-13 में पाताल भुवनेश्वर से सिमायल, भूल की अध्याली के लिए 15.5 किमी सड़क मंजूर की गई, लेकिन निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ। इलाके के लिए दो और सड़कें मंजूर हैं, उनके निर्माण की भी कभी सुध नहीं ली गई। सड़क निर्माण की मांग को लेकर इलाके के लोग लगातार मांग कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है।
कभी सिमायल गांव में 70 परिवार निवास करते थे। अब 45 परिवार ही रह गए हैं। सेला गांव से भी तमाम लोग पलायन कर रहे हैं। सेनानी दीवान सिंह दशौनी के पुत्र उमेद सिंह दशौनी, सेनानी चंचल सिंह रावल के पुत्र राजपाल सिंह रावल, पौत्र पवन रावल, संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिवाकर रावल कहते हैं कि बार-बार मांग के बावजूद केवल कोरे आश्वसन दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या के प्रति न तो अफसर गंभीर हैं और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि।
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सिमायल निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. दीवान सिंह दशौनी और सिमायल से ही सटे गांव सेला (भूल की अध्याली) गांव के सेनानी स्व. चंचल सिंह रावल के गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2012-13 में पाताल भुवनेश्वर से सिमायल, भूल की अध्याली के लिए 15.5 किमी सड़क मंजूर की गई, लेकिन निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ। इलाके के लिए दो और सड़कें मंजूर हैं, उनके निर्माण की भी कभी सुध नहीं ली गई। सड़क निर्माण की मांग को लेकर इलाके के लोग लगातार मांग कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है।
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कभी सिमायल गांव में 70 परिवार निवास करते थे। अब 45 परिवार ही रह गए हैं। सेला गांव से भी तमाम लोग पलायन कर रहे हैं। सेनानी दीवान सिंह दशौनी के पुत्र उमेद सिंह दशौनी, सेनानी चंचल सिंह रावल के पुत्र राजपाल सिंह रावल, पौत्र पवन रावल, संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिवाकर रावल कहते हैं कि बार-बार मांग के बावजूद केवल कोरे आश्वसन दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या के प्रति न तो अफसर गंभीर हैं और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि।
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