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एनएच के अधीन जाने पर सड़क की हालत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:23 PM IST
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थल में लाल मोड़ के पास खोखली हो गई सड़क
- फोटो : अमर उजाला
दो वर्ष पहले लोनिवि से हटाकर एनएच के अधीन की गई बेड़ीनाग से थल होते हुए डीडीहाट तक की सड़क की हालत अब बदतर हो गई है। सात माह पहले बारिश के दौरान टूटी सड़क की मरम्मत के लिए अब तक एनएच के अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है। पहाड़ पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी विभाग के अधिकारी नहीं चेते हैं।
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थल से मात्र 700 मीटर की दूरी पर बांस की घाटी के पास सड़क की दीवार सात माह से टूटी है, लेकिन एनएच के अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। सड़क की दीवार टूटने से इस स्थान पर दुर्घटना का खतरा बना है। बांस की घाटी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर लाल मोड़ के पास सड़क दो जगह खोखली हो गई है। यदि कोई भारी वाहन गलती से इस खोखली जगह पर चला गया तो दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। इसी सड़क से कैलाश मानसरोवर यात्री दल निकलते हैं।
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इसके अलावा धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी जाने के यही प्रमुख मार्ग है। थल, मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बेड़ीनाग, बागेश्वर को जाने वाले वाहन भी इसी सड़क से निकलते हैं। एनएच के अधिकारियों ने अब तक इन खतरनाक स्थानों पर कोई बोर्ड तक नहीं लगाया है। कई वाहन चालकों और यात्रियों ने बताया कि खराब सड़क पर निकलने में डर लगता है। लोगों का कहना है कि एनएच के अधिकारियों ने इस सड़क को लावारिस हालत में छोड़ दिया है।
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इधर, एनएच के अवर अभियंता बीसी जोशी का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। धन मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खराब स्थानों पर बेरिकेडिंग भी लगाई जाएगी। यह काम कब से शुरू होगा, इसकी वह कोई जानकारी नहीं दे पाए।