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30 दिनों के बाद भी दारमा घाटी की चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क नहीं खुली
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पीएमजीएसवाई की जेसीबी मशान सोसा- सिर्दांग सड़क को खोलती हुई।
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सीपीडब्ल्यूडी की सोबला-ढाकर दारमा घाटी की चीन सीमा सड़क विर्थिंग से नागलिंग की सड़क 30 दिन बाद भी पूरी नहीं खुल पाई है। इससे सीमांत में रह रहे लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सड़क को शीघ्र खोलने की मांग की है।
मूसलाधार बारिश से दारमा को जोड़ने वाली सड़क पिछले माह कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई थी। लोनिवि ने विर्थिंग से नांगलिग में वुरुंग नाले में लोगों की आवाजाही के लिए लकड़ी का एक अस्थायी पुल बना दिया है। सेला और चल गांव में ट्रॉली की सभी सामग्री पहुंचा दिया है। तीन से चार दिनों में ट्रॉली शुरू हो जाएगी।
लोनिवि के एई जीके पांडे ने बताया कि अस्थायी पुल बनने से लोग धौली नदी को आसानी से आर-पार कर सकते हैं। फिलम गांव निवासी कृष्ण फिरमाल ने बताया कि वुरुंग नाले में लोनिवि ने एक अस्थायी पुल तो बना दिया है। इससे दारमा घाटी के लोगों को पैदल आवाजाही में थोड़ी राहत मिली है।
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सड़क अब भी पूरी तरह न खुलने से दारमा घाटी के 14 गांव के लोग अभी 10 से 15 किमी की पैदल यात्रा कर तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और सीपीडब्ल्यूडी से शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है। तवाघाट-कनज्योति सोबला कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोगों को पांच से छह किमी तक पैदल यात्रा के बाद तवाघाट से धारचूला तक गाड़ियों से पहुंच रहे हैं।
पांगू निवासी राम सिंह ने बताया कि तवाघाट- सोबला सड़क ओखलखेत, नारायण पुल, छिरकिला और खेत गांव के पास कई जगहों पर सड़क बंद होने से होने से तल्ला दारमा और चौदास घाटी के लोगों को पांच से छह किमी पैदल यात्रा और कई गाड़ियां बदलकर धारचूला पहुंच रहे हैं।
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मूसलाधार बारिश से दारमा को जोड़ने वाली सड़क पिछले माह कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई थी। लोनिवि ने विर्थिंग से नांगलिग में वुरुंग नाले में लोगों की आवाजाही के लिए लकड़ी का एक अस्थायी पुल बना दिया है। सेला और चल गांव में ट्रॉली की सभी सामग्री पहुंचा दिया है। तीन से चार दिनों में ट्रॉली शुरू हो जाएगी।
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लोनिवि के एई जीके पांडे ने बताया कि अस्थायी पुल बनने से लोग धौली नदी को आसानी से आर-पार कर सकते हैं। फिलम गांव निवासी कृष्ण फिरमाल ने बताया कि वुरुंग नाले में लोनिवि ने एक अस्थायी पुल तो बना दिया है। इससे दारमा घाटी के लोगों को पैदल आवाजाही में थोड़ी राहत मिली है।
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सड़क अब भी पूरी तरह न खुलने से दारमा घाटी के 14 गांव के लोग अभी 10 से 15 किमी की पैदल यात्रा कर तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और सीपीडब्ल्यूडी से शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है। तवाघाट-कनज्योति सोबला कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोगों को पांच से छह किमी तक पैदल यात्रा के बाद तवाघाट से धारचूला तक गाड़ियों से पहुंच रहे हैं।
पांगू निवासी राम सिंह ने बताया कि तवाघाट- सोबला सड़क ओखलखेत, नारायण पुल, छिरकिला और खेत गांव के पास कई जगहों पर सड़क बंद होने से होने से तल्ला दारमा और चौदास घाटी के लोगों को पांच से छह किमी पैदल यात्रा और कई गाड़ियां बदलकर धारचूला पहुंच रहे हैं।