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Pithoragarh News: मास्टर प्लान में शामिल होने से किया इन्कार
Sat, 25 Jul 2026 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 25 Jul 2026 10:42 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर लोहाघाट के मास्टर प्लान-2041 में प्रेमनगर क्षेत्र को शामिल करने की तैयारी पर ग्रामीण भड़क गए हैं। उन्होंने इस योजना को किसी भी कीमत पर स्वीकार न करने का एलान किया है।
प्रेमनगर में हुई बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना जानकारी या सहमति के गांव को मास्टर प्लान में शामिल किया है। उनका कहना है कि इससे निजी भूमि पर बंदिशें लगेंगी और पूरा क्षेत्र प्राधिकरण के अधीन आ जाएगा।
ग्रामीणों ने इसे उनके हितों के विरुद्ध बताया। बैठक में सोमवार को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने योजना पर आपत्तियां और सुझाव 31 जुलाई तक मांगे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आपत्तियों के बावजूद गांव को शामिल किया गया, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
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यहां गोविंद बल्लभ खर्कवाल, आनंद ओली, पुष्कर पंत, मोहन चंद्र जोशी, जगदीश गड़कोटी,चंचल सिंह अधिकारी, हरीश पाटनी, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, कैलाश जोशी आदि थे।
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बिना स्थानीय लोगों की सहमति के लिए जाने वाला कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। मास्टर प्लान लागू होने से क्षेत्र प्राधिकरण में आए जाएगा।छोटे-छोटे कामों के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी। -कल्याण सिंह, ग्रामीण
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यदि गांव को मास्टर प्लान के दायरे में रखा गया तो पूरा क्षेत्र प्राधिकरण के अधीन आ जाएगा, इससे उनकी निजी भूमि पर भी विभिन्न प्रकार की बंदिशें लागू हो जाएंगी। बिना अनुमति के कुछ भी निर्माण करना संभव नहीं होगा। -सुरेश गड़कोटी, ग्रामीण
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प्रेमनगर में हुई बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना जानकारी या सहमति के गांव को मास्टर प्लान में शामिल किया है। उनका कहना है कि इससे निजी भूमि पर बंदिशें लगेंगी और पूरा क्षेत्र प्राधिकरण के अधीन आ जाएगा।
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ग्रामीणों ने इसे उनके हितों के विरुद्ध बताया। बैठक में सोमवार को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने योजना पर आपत्तियां और सुझाव 31 जुलाई तक मांगे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आपत्तियों के बावजूद गांव को शामिल किया गया, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
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यहां गोविंद बल्लभ खर्कवाल, आनंद ओली, पुष्कर पंत, मोहन चंद्र जोशी, जगदीश गड़कोटी,चंचल सिंह अधिकारी, हरीश पाटनी, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, कैलाश जोशी आदि थे।
बिना स्थानीय लोगों की सहमति के लिए जाने वाला कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। मास्टर प्लान लागू होने से क्षेत्र प्राधिकरण में आए जाएगा।छोटे-छोटे कामों के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी। -कल्याण सिंह, ग्रामीण
यदि गांव को मास्टर प्लान के दायरे में रखा गया तो पूरा क्षेत्र प्राधिकरण के अधीन आ जाएगा, इससे उनकी निजी भूमि पर भी विभिन्न प्रकार की बंदिशें लागू हो जाएंगी। बिना अनुमति के कुछ भी निर्माण करना संभव नहीं होगा। -सुरेश गड़कोटी, ग्रामीण