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Pithoragarh News: दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कारावास
Fri, 07 Aug 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:01 PM IST
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चंपावत। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने किराए के मकान में अकेली महिला से जबरदस्ती दुष्कर्म करने के दोषी करन कश्यप को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 20 अगस्त 2025 को टनकपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि 17 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे उसकी पुत्री अपने किराए के मकान में अकेली थी।
इसी दौरान वार्ड नंबर एक शारदा घाट निवासी करन कश्यप ने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता को रक्तस्राव होने लगा। पीड़िता उपचार के लिए टनकपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची।
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वहां से अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार कराया गया।
तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली टनकपुर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मामले की विवेचना की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी करन कश्यप के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
बृहस्पतिवार को फैसला आया। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने करन कश्यप को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी की जेल में बिताई गई अवधि को मुख्य सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
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अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 20 अगस्त 2025 को टनकपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि 17 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे उसकी पुत्री अपने किराए के मकान में अकेली थी।
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इसी दौरान वार्ड नंबर एक शारदा घाट निवासी करन कश्यप ने उसे अकेला पाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता को रक्तस्राव होने लगा। पीड़िता उपचार के लिए टनकपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची।
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वहां से अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार कराया गया।
तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली टनकपुर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मामले की विवेचना की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी करन कश्यप के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
बृहस्पतिवार को फैसला आया। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने करन कश्यप को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी की जेल में बिताई गई अवधि को मुख्य सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।